ललिता गौतम हत्याकांड पर मायावती का बड़ा बयान, कानून हाथ में न लें, वोट की ताकत से हासिल करें सत्ता की मास्टर-की

ललिता गौतम हत्याकांड पर मायावती का बड़ा बयान, कानून हाथ में न लें, वोट की ताकत से हासिल करें सत्ता की मास्टर-की

(Today crime news)

लखनऊ/मेरठ। मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री Mayawati ने बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने दलित एवं पिछड़े वर्ग के लोगों से कानून हाथ में न लेने की अपील करते हुए कहा कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष संविधान और कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।

मायावती ने कहा कि कुछ संगठन और राजनीतिक दल समाज के वंचित वर्गों को गुमराह कर अपने राजनीतिक हित साधने का प्रयास करते हैं। ऐसे तत्व लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए उकसाते हैं, जिससे हिंसा, अफरा-तफरी और यातायात अवरोध जैसी स्थितियां पैदा होती हैं। बाद में वही नेता घटनास्थल पर पहुंचकर सहानुभूति का प्रदर्शन करते हैं और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं।

बसपा प्रमुख ने कहा कि इस प्रकार के आंदोलनों से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज नहीं होती, बल्कि संबंधित समुदायों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब Dr. B. R. Ambedkar द्वारा दिखाए गए संवैधानिक और लोकतांत्रिक मार्ग पर चलकर ही स्थायी समाधान प्राप्त किया जा सकता है। समाज को एकजुट होकर अपनी वोट की ताकत से सत्ता की "मास्टर-की" हासिल करनी चाहिए, जिससे सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई को मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी इसी लक्ष्य को लेकर लगातार कार्य कर रही है।

प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप

गौरतलब है कि मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को हुए प्रदर्शन ने हिंसक रूप धारण कर लिया था। प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति कमिश्नर चौराहे से कलेक्ट्रेट तक सड़क जाम कर दी। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य गेट को नुकसान पहुंचाया गया तथा पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और झड़प की घटनाएं सामने आईं।

करीब छह घंटे तक चले हंगामे के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

पुलिस का दावा: माहौल बिगाड़ने की साजिश

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ संदेश प्रसारित कर जातीय तनाव फैलाने का प्रयास किया गया। मामले की जांच साइबर टीम को भी सौंपी गई है। पुलिस का दावा है कि उपद्रव के दौरान 11 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि जाम में फंसने से दो एंबुलेंस भी प्रभावित हुईं।

पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और अन्य की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

ललिता गौतम हत्याकांड: घटनाक्रम

15 मई 2026 बीए की छात्रा ललिता गौतम परीक्षा देकर घर लौटते समय लापता हो गई। बाद में उसकी हत्या की पुष्टि हुई।

मई 2026, परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

8 जुलाई 2026, न्याय की मांग को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया, जो बाद में हिंसक हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद लाठीचार्ज करना पड़ा।

9-10 जुलाई 2026, उपद्रव और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में इस मामले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।

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