ऑपरेशन दहन: जीआरपी ने 50 लाख के 63 किलो ड्रग्स किया नष्ट
न्यायालय के आदेश पर चार एनडीपीएस मामलों से जुड़े मादक पदार्थों का नियमानुसार निस्तारण, नशे के कारोबार पर रेलवे पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ रेलवे पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन दहन' के तहत जीआरपी कानपुर सेंट्रल ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चार एनडीपीएस मामलों से संबंधित 63 किलो 315 ग्राम मादक पदार्थ का न्यायालय के आदेशानुसार विधिवत विनष्टीकरण (निस्तारण) कराया। नष्ट किए गए मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी.के मार्गदर्शन, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज एन. कोलांची के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज प्रशांत वर्मा की सतत मॉनिटरिंग में संपन्न हुई। पुलिस उपाधीक्षक कानपुर दुष्यंत कुमार सिंह के निकट पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने पूरी प्रक्रिया को निर्धारित कानूनी मानकों के अनुरूप पूरा किया।
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, 1 मार्च 2026 से 30 जून 2026 के बीच एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज चार मामलों में न्यायालय द्वारा अंतिम आदेश पारित होने तथा किसी प्रकार की अपील, विचारण अथवा पुनरीक्षण लंबित न रहने के बाद एनडीपीएस (जब्ती, भंडारण, नमूनाकरण एवं निपटान) नियम-2022 के प्रावधानों के तहत जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। विनष्टीकरण की प्रक्रिया गठित समिति की उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। इस दौरान अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय स्नेहा तिवारी, डिस्पोजल कमेटी कार्यालय के निरीक्षक सुधीर कुमार झा, प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह, उपनिरीक्षक मुकुंद लाल यादव, मुख्य आरक्षी शिव प्रताप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मादक पदार्थों का निस्तारण कानपुर नगर स्थित भैरो घाट विद्युत शवदाह गृह में नियमानुसार किया गया। रेलवे पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन दहन का उद्देश्य न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ जब्त मादक पदार्थों के दुरुपयोग की किसी भी संभावना को पूरी तरह समाप्त करना है। रेलवे परिसर एवं ट्रेनों के माध्यम से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जीआरपी की यह कार्रवाई कानून के सख्त अनुपालन और अपराधियों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति का मजबूत संदेश मानी जा रही है।



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