पहले जेसीबी, फिर आश्वासन 700 परिवारों के आशियानों पर रेलवे की नजर
बस्ती हटाने पहुंची रेलवे टीम का लोगों ने किया विरोध, फिलहाल कार्रवाई पर लगी रोक
सपा विधायक ने मांगा एक माह का नोटिस, पूर्व विधायक बोले पहले आवास, फिर कार्रवाई
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। कैंट थाना क्षेत्र के संजय नगर में गुरुवार को रेलवे की जेसीबी पहुंचते ही बस्ती में हड़कंप मच गया। गेट नंबर-42 के पास झुग्गी-झोपड़ियों और मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही लोग अपने आशियाने बचाने के लिए सड़क पर उतर आए। दोपहर 1:45 बजे तक करीब 700 परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया। विरोध बढ़ने पर फिलहाल कार्रवाई रोक दी गई। कार्रवाई की सूचना पर भाजपा के पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह बस्ती पहुंचे।
उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी स्थिति जानी और रेलवे अधिकारियों से वार्ता करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक घरों को हटाने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। वहीं, सपा विधायक हसन रूमी ने रेलवे प्रशासन से कम से कम एक महीने का नोटिस देने की मांग की। उनका कहना है कि अचानक घर हटाने की कार्रवाई से परिवारों के सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
नोटिस मिलने पर लोग अपने लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाश सकेंगे। कार्रवाई रुकने के बाद महिलाओं ने राहत की सांस ली, लेकिन उनकी चिंता बरकरार रही। महिलाओं का कहना था कि नेता आते हैं, आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन उनके घर और बच्चों के भविष्य का सवाल वहीं खड़ा रहता है। उनका दावा है कि उन्हें दिवाली तक बस्ती में रहने की बात कही गई थी। स्थानीय लोगों रमेश, आदिल और मनीष ने कहा कि घर उजड़े तो बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी।
प्रभावित परिवारों की मांग है कि पहले पुनर्वास या वैकल्पिक आवास की व्यवस्था हो, फिर किसी तरह की कार्रवाई की जाए। फिलहाल कार्रवाई थम गई है, लेकिन संजय नगर के करीब 700 परिवारों की निगाहें रेलवे और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। राहत अस्थायी है और आशियाने उजड़ने का डर अब भी लोगों के बीच बना हुआ है।




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