पेट्रोल-डीजल पर महंगाई का नया झटका! नायरा ने पेट्रोल 5 और डीजल 3 प्रति लीटर बढ़ाया

पेट्रोल-डीजल पर महंगाई का नया झटका! नायरा ने पेट्रोल 5 और डीजल 3 प्रति लीटर बढ़ाया

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार; नायरा के पंपों पर आज से महंगा ईंधन, सरकारी कंपनियों के रेट फिलहाल स्थिर

(Today crime news)

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर शनिवार, 3 अक्टूबर को बड़ा बदलाव हुआ है। निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। नए दाम 3 अक्टूबर की सुबह से कंपनी के देशभर में संचालित 7,108 फ्यूल स्टेशनों पर लागू हो गए हैं। हालांकि, इस बढ़ोतरी का असर फिलहाल सभी पेट्रोल पंपों पर नहीं पड़ा है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच फैसला

नायरा एनर्जी ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें ऊंचे स्तर पर हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई है। ऐसे में ईंधन की लागत बढ़ने से निजी तेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है।

कंपनी इससे पहले भी मार्च में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा चुकी है। 26 मार्च को पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया था। उस समय पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी परिस्थितियों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेजी आई थी।

जुलाई में वापस ली थी पूरी बढ़ोतरी

मार्च की बढ़ोतरी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई। इसके बाद नायरा ने 1 जुलाई को पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमश: 5 और 3 रुपये प्रति लीटर घटाकर मार्च की पूरी बढ़ोतरी वापस ले ली थी। अब अक्टूबर में कंपनी ने एक बार फिर उतनी ही राशि की बढ़ोतरी लागू कर दी है।

 सरकारी कंपनियों ने नहीं बढ़ाए दाम

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम** जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल अपने खुदरा दामों में इस तरह की बढ़ोतरी नहीं की है। देश में कुल 1.04 लाख से अधिक फ्यूल आउटलेट हैं और सरकारी तेल कंपनियों की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है।

इसका मतलब है कि फिलहाल नायरा एनर्जी के पंप से पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले ग्राहकों को सरकारी तेल कंपनियों के पंपों की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

कुछ पंपों पर बिक्री सीमित होने की भी आई थी खबर

ईंधन बाजार में हाल में नायरा एनर्जी और जियो-बीपी के कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित किए जाने की खबरें भी सामने आई थीं। इसके पीछे खुदरा और थोक डीजल की कीमतों में अंतर को वजह बताया गया था। सस्ता खुदरा डीजल लेने के लिए कुछ औद्योगिक ग्राहकों की ओर से पेट्रोल पंपों से ज्यादा खरीद किए जाने से कुछ स्थानों पर आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की बात सामने आई।

1 अक्टूबर को पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने निजी ईंधन कंपनियों से बिक्री सीमित नहीं करने को कहा था। उनका कहना था कि पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री रोकना या सीमित करना स्वीकार्य नहीं है।

आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?

नायरा एनर्जी की मौजूदा बढ़ोतरी का सीधा असर फिलहाल उसके नेटवर्क तक सीमित है। यानी पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के दाम एक साथ नहीं बढ़े हैं। हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं और दूसरी कंपनियां भी बढ़ती लागत का असर ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।

डीजल की कीमत बढ़ने का असर केवल वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहता। माल ढुलाई, परिवहन और विभिन्न कारोबारों की लागत बढ़ने से इसका अप्रत्यक्ष असर अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

तेल कंपनियों के मार्जिन पर भी दबाव

दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय लागत बढ़ने के बावजूद खुदरा कीमतें नियंत्रित रखने से तेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। सितंबर में आईसीआरए के आकलन में पेट्रोल पर करीब 8 रुपये और डीजल पर करीब 9 रुपये प्रति लीटर के नकारात्मक मार्केटिंग मार्जिन का अनुमान लगाया गया था। एजेंसी ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को मिलाकर करीब 530 करोड़ रुपये प्रतिदिन के नुकसान का अनुमान भी जताया था।

 नायरा का बड़ा रिफाइनिंग और रिटेल नेटवर्क

नायरा एनर्जी गुजरात के वडीनार में सालाना करीब 20 मिलियन टन क्षमता वाली रिफाइनरी संचालित करती है। कंपनी का देशभर में 7,000 से अधिक फ्यूल स्टेशनों का नेटवर्क है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें किस स्तर पर बनी रहती हैं और आने वाले दिनों में सरकारी तथा अन्य निजी ईंधन कंपनियां खुदरा कीमतों को लेकर क्या रुख अपनाती हैं।

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