वृंदावन के केली कुंज आश्रम से जुड़े दो लापता मामलों ने बढ़ाई चिंता, महिला और 16 वर्षीय किशोर की तलाश जारी
नोएडा की 35 वर्षीय महिला 15 अगस्त से लापता, हाथरस का 16 वर्षीय अनुज करीब तीन महीने से गायब; परिजन आश्रम पहुंचे, पुलिस ने शुरू की जांच
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश वृंदावन। वृंदावन स्थित श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला किसी धार्मिक आयोजन से नहीं, बल्कि दो अलग-अलग लोगों के लापता होने से जुड़ा है। नोएडा की 35 वर्षीय महिला 15 अगस्त को घर से वृंदावन जाने की बात कहकर निकली थी, जबकि हाथरस का 16 वर्षीय किशोर अनुज चौधरी करीब तीन महीने से लापता है। दोनों मामलों में परिजनों ने अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन सुराग नहीं मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा है।
15 अगस्त को घर से निकली युक्ति, फिर नहीं लौटी
नोएडा निवासी उमेश सिंह के मुताबिक उनकी 35 वर्षीय बेटी युक्ति 15 अगस्त को वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए जाने की बात कहकर घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिवार का कहना है कि युक्ति पहले भी बिना बताए घर से गई थी और बाद में लौट आई थी, लेकिन इस बार कई सप्ताह बीतने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला।
परिजन उसकी तलाश में वृंदावन पहुंचे और केली कुंज आश्रम के आसपास जानकारी जुटाई। परिवार का कहना है कि युक्ति प्रेमानंद महाराज की भक्त थी, इसलिए उन्हें आशंका है कि वह वृंदावन या आसपास के क्षेत्र में हो सकती है। हालांकि, महिला के आश्रम में मौजूद होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तीन महीने से अनुज की तलाश, आश्रम के बाहर धरना
दूसरा मामला हाथरस के बारामई खेड़ा गांव निवासी 16 वर्षीय अनुज चौधरी का है। उसके पिता राजवीर सिंह के अनुसार अनुज चार बहनों के बीच इकलौता बेटा है और इंटर की पढ़ाई कर रहा था। परिवार के मुताबिक वृंदावन के पास पानीगांव में अनुज का ननिहाल है। इसी दौरान उसका केली कुंज आश्रम आना-जाना शुरू हुआ। परिजनों का दावा है कि करीब तीन महीने पहले अनुज ने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके कुछ समय बाद वह घर से निकला और फिर वापस नहीं लौटा।परिवार के अनुसार अनुज घर से निकलते समय कंठी-माला और धार्मिक पुस्तकें लेकर गया था। इसके बाद से उससे परिवार की मुलाकात या बातचीत नहीं हुई।
हमें अपना बेटा चाहिए, परिजनों ने उठाए सवाल
अनुज के परिजन उसकी तलाश में केली कुंज आश्रम पहुंचे और आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए। परिवार की मांग है कि अनुज का पता लगाया जाए और उसे उनके सामने लाया जाए। अनुज की दादी मुन्नी ने आरोप लगाया कि परिवार ने आश्रम से सीसीटीवी फुटेज और बच्चे से संबंधित जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। परिवार का दावा है कि उन्हें अनुज के साधना में होने की बात बताई गई थी।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस पहुंची आश्रम, रिकॉर्ड खंगाले
परिजनों के धरने की जानकारी मिलने पर वृंदावन पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिवार से बातचीत की और आश्रम के भीतर जाकर अनुज से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस के मुताबिक, अनुज के लापता होने के संबंध में शिकायत और मुकदमे की कार्रवाई की गई है और मामले की जांच जारी है। आश्रम की ओर से भी परिवार को सहयोग का भरोसा दिए जाने की बात सामने आई है। बताया गया कि अनुज की तस्वीर सेवादारों के समूह में साझा कर उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया था।
दो मामले, कई सवाल—जवाब जांच से आएगा
इन दोनों मामलों में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि दोनों के लापता होने की जांच अलग-अलग स्तर पर चल रही है। युक्ति के आश्रम में होने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं अनुज के मामले में पुलिस उसके आने-जाने, संपर्कों और आश्रम से जुड़े उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर रही है।ऐसे में परिजनों के आरोपों को जांच का निष्कर्ष मानना जल्दबाजी होगी। किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकता है।
फिलहाल दो परिवार अपने परिजनों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। एक तरफ 15 अगस्त से लापता महिला का सुराग नहीं मिला है, तो दूसरी तरफ 16 वर्षीय किशोर के तीन महीने से गायब होने ने परिवार को चिंता में डाल दिया है। अब निगाह पुलिस जांच पर है कि दोनों मामलों में लापता लोगों का सुराग कब मिलता है।


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