1 अक्टूबर से बदलेंगे कई नियम: PUC, LPG, PF और घरेलू उपकरणों पर पड़ेगा असर
नई दिल्ली। अक्टूबर की शुरुआत आम लोगों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आ रही है। 1 अक्टूबर 2026 से दिल्ली-एनसीआर में वैध PUC (Pollution Under Control Certificate) के बिना वाहनों को पेट्रोल-डीजल देने पर रोक से लेकर LPG सब्सिडी के लिए आधार-बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और EPFO की वेज सीलिंग में बदलाव तक कई नियम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर असर डाल सकते हैं। वहीं, त्योहारी सीजन से पहले AC, TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरणों के दाम भी बढ़ने की संभावना है।
NCR में बिना PUC नहीं मिलेगा ईंधन
दिल्ली-NCR में 1 अक्टूबर से वैध PUCC के बिना वाहनों में ईंधन भराने पर रोक लागू होने जा रही है। यह व्यवस्था NCR के विभिन्न जिलों में लागू होगी। ऐसे में दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ सहित NCR के अन्य इलाकों में वाहन चालकों को वैध PUC रखना जरूरी होगा। NCR में आने वाले दूसरे राज्यों के वाहनों को भी इस व्यवस्था के दायरे में रखा गया है।
PF में बदलाव, लेकिन 12% अतिरिक्त कटौती का दावा सही नहीं
EPFO ने अनिवार्य कवरेज के लिए वेज सीलिंग को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह किया है। EPFO के पोर्टल पर भी हालिया वेज सीलिंग संशोधन से संबंधित FAQ उपलब्ध हैं।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी की सैलरी से 3,000 रुपये या 12 प्रतिशत अतिरिक्त PF कटेगा। वास्तविक योगदान कर्मचारी की PF योग्य वेज, संस्थान और लागू EPF नियमों पर निर्भर करेगा। कुछ पात्र कर्मचारियों के मामले में PF खाते में अधिक राशि जा सकती है, जिससे कर्मचारी का इन-हैंड वेतन भी प्रभावित हो सकता है।
LPG सब्सिडी के लिए आधार-बायोमेट्रिक जरूरी
सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल का लाभ लेने के लिए आधार-बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा करना जरूरी किया गया है। जिन उपभोक्ताओं का ऑथेंटिकेशन पहले ही हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं है।
ऑथेंटिकेशन सिलेंडर की डिलीवरी के समय, LPG डिस्ट्रीब्यूटर के यहां या संबंधित तेल कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए किया जा सकता है। बिना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के LPG मिलना पूरी तरह बंद होने की बात नहीं है, लेकिन सब्सिडी या रेगुलेटेड कीमत के लाभ पर असर पड़ सकता है।
AC, TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन हो सकती हैं महंगी
त्योहारी सीजन से पहले घरेलू उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी है। उद्योग से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, कई कंपनियां 1 अक्टूबर से कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत तक वृद्धि कर सकती हैं। AC की कीमतों में करीब 5-8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना बताई गई है, जबकि कुछ कंपनियां TV, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की कीमतों में करीब 3-4 प्रतिशत वृद्धि कर सकती हैं।
कंपनियों ने इसके पीछे कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम और क्रूड आधारित कच्चे माल की बढ़ी लागत, फ्रेट खर्च और मुद्रा विनिमय में उतार-चढ़ाव जैसे कारण बताए हैं। हालांकि, हर ब्रांड और हर मॉडल पर एक जैसी बढ़ोतरी जरूरी नहीं है। बाजार में पहले से मौजूद पुराना स्टॉक कुछ समय तक पुराने दाम पर भी मिल सकता है।
यानी 1 अक्टूबर से हर बदलाव का असर सभी लोगों पर एक जैसा नहीं पड़ेगा। वाहन चालकों के लिए PUC, LPG उपभोक्ताओं के लिए आधार-बायोमेट्रिक और PF खाताधारकों के लिए नई वेज सीलिंग खास तौर पर ध्यान देने वाली बातें हैं, जबकि त्योहारी खरीदारी करने वालों को घरेलू उपकरणों के नए दामों पर नजर रखनी होगी।


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