सदन में हंगामे की हद पार , महिला पार्षद से धक्का-मुक्की के आरोप, पुलिस तक पहुंचा नगर निगम का घमासान
डीसीपी से शिकायत, गाली-गलौज और अपमानित करने का आरोप, पवन गुप्ता की तहरीर पर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। नगर निगम सदन की कार्यवाही में 26 सितंबर को हुआ हंगामा अब सदन की चारदीवारी से निकलकर पुलिस तक पहुंच गया है। वार्ड-10 की पार्षद लक्ष्मी कोरी ने बुधवार को डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव से शिकायत कर सदन में उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, भाजपा पार्षद पवन गुप्ता की शिकायत पर स्वरूप नगर पुलिस नगर निगम के स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम पहुंचकर घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
लक्ष्मी कोरी के मुताबिक, 26 सितंबर को वह सदन की कार्यवाही में शामिल होने पहुंची थीं। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि कौशलपुरी मंडल मंत्री मनीष बाजपेयी और पार्षद पवन गुप्ता को महापौर के कार्यालय से जुड़े एक कमरे में कथित तौर पर रोककर रखा गया है। उन्होंने इसका विरोध किया। लक्ष्मी का आरोप है कि सदन में इस मामले को उठाने की कोशिश करने पर कई पार्षदों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ गाली-गलौज व धक्का-मुक्की की गई। उन्हें ‘बागी पार्षद’ बताते हुए सदन से बाहर जाने के लिए कहा गया।
पार्षद ने कहा कि वह दलित वर्ग से आती हैं और सुरक्षित सीट से लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुई हैं। इसके बावजूद सदन में उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह इस मामले को आगे भी उठाएंगी। उधर, वार्ड-37 के पार्षद पवन गुप्ता ने महापौर प्रमिला पांडेय के बेटे अमित पांडेय और अनुराग पांडेय के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाते हुए डीसीपी को तहरीर दी है। पवन के मुताबिक, कार्यकारिणी चुनाव में मतदान की अनुमति संबंधी पत्र रिसीव कराने गए भाजपा कौशलपुरी मंडल मंत्री मनीष बाजपेयी के वापस नहीं आने पर वह उन्हें तलाशते हुए कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि वहां विवाद हुआ और अमित पांडेय ने उनके साथ मारपीट की। पवन ने अनुराग पांडेय पर भी मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया है।
उन्होंने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर निष्पक्ष जांच कराने तथा सुरक्षा की मांग की है। महापौर प्रमिला पांडेय ने इन आरोपों को अलग पक्ष रखते हुए कहा है कि उनके कार्यालय से दो-तीन महत्वपूर्ण फाइलें गायब मिली हैं और कमरों व अलमारियों की जांच कराई जा रही है। उनका आरोप है कि कुछ पार्षद पहले से तय मकसद के साथ सदन में हंगामा करने पहुंचे थे। उन्होंने अपने बेटे अमित पांडेय के कार्यालय में मौजूद होने को लेकर कहा कि उन्हें सदन में हंगामे की आशंका थी, इसलिए अमित को रेस्ट रूम में बैठने के लिए कहा गया था। महापौर ने पूरे घटनाक्रम को उन्हें और उनके बेटे को फंसाने की कोशिश बताया। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, पार्षद पवन गुप्ता की ओर से तहरीर मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




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