राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की आहट! चढ़ावा चोरी विवाद के बीच महासचिव, ट्रस्टी और पहले CEO पर होगा फैसला
आठ गिरफ्तारियों और जांच पर उठे सवालों के बीच आज अहम बैठक, नए चेहरों पर लग सकती है मुहर; बीएल बागड़ा सबसे चर्चित नाम
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश अयोध्या। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से उठे सवाल अभी थमे भी नहीं हैं कि अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बड़े बदलावों की तैयारी में जुट गया है। बुधवार को होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक में नए महासचिव की नियुक्ति, तीन रिक्त ट्रस्टी पदों को भरने और मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया पर मंथन होगा। माना जा रहा है कि यह बैठक ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल बागड़ा का नाम नए महासचिव के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उनका नाम ट्रस्टी पद के लिए भी चर्चा में है। हालांकि अंतिम फैसला बैठक में सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर लिया जाएगा।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब चढ़ावे की कथित चोरी ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं के दान की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि बैठक में चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने तथा वित्तीय निगरानी को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
तीन ट्रस्टी और महासचिव का पद खाली
पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद दो पद रिक्त हैं, जबकि ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन से तीसरा पद खाली हुआ है। फिलहाल कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि छह जुलाई की बैठक में भी बीएल बागड़ा और बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दानोदिया के नामों पर चर्चा हुई थी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी थी। इस बार फैसला होने की संभावना अधिक मानी जा रही है।
कई संतों के नाम भी चर्चा में
ट्रस्टी पद के लिए आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, महंत कमलनयनदास, महंत राजकुमार दास, महंत रामशरणदास, डॉ. रामानंददास, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर और अयोध्या राजपरिवार के उत्तराधिकारी एवं साहित्यकार यतींद्र मोहन मिश्र के नाम भी चर्चा में हैं।
चढ़ावा चोरी मामला बना सबसे बड़ा सवाल
जून में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण ने राम मंदिर की व्यवस्थाओं पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया था। मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए SIT गठित की है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के संबंध में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। ऐसे में ट्रस्ट की यह बैठक केवल नई नियुक्तियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा मजबूत करने की बड़ी परीक्षा भी मानी जा रही है।
नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रस्ट नई नियुक्तियों और सख्त प्रशासनिक फैसलों के जरिए उठे सवालों का जवाब दे पाएगा, या फिर पारदर्शिता को लेकर उठी बहस और तेज होगी।


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