संसद मार्च हिंसा के बाद दिल्ली में सुरक्षा का सबसे बड़ा एक्शन: 20 अतिरिक्त CRPF कंपनियां तैनात, राजधानी हाई अलर्ट पर

संसद मार्च हिंसा के बाद दिल्ली में सुरक्षा का सबसे बड़ा एक्शन: 20 अतिरिक्त CRPF कंपनियां तैनात, राजधानी हाई अलर्ट पर

कांग्रेस, CJP और आम आदमी पार्टी के लगातार प्रदर्शनों के बीच केंद्र ने कसी सुरक्षा; संवेदनशील इलाकों में बढ़ी निगरानी, RAF भी हाई अलर्ट पर।

(Today crime news)

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे राजनीतिक प्रदर्शनों और संसद के मॉनसून सत्र के बीच केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियों को विशेष विमानों से एयरलिफ्ट कर दिल्ली बुलाया गया है। करीब 2,000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती के साथ राजधानी को सुरक्षा के लिहाज से हाई अलर्ट पर रखा गया है।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कांग्रेस, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और आम आदमी पार्टी अलग-अलग मुद्दों पर लगातार सड़क पर प्रदर्शन कर रही हैं। हाल ही में संसद मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी है।

हिंसा के बाद सख्ती, 10 एफआईआर से साफ सरकार का सख्त संदेश

संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस अब तक 10 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इनमें पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में चार, कनॉट प्लेस थाने में तीन, जबकि मंदिर मार्ग, बाराखंबा रोड और कर्तव्य पथ थानों में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।

पश्चिम बंगाल से बुलाए गए जवान, राजधानी की सुरक्षा होगी अभेद्य

सूत्रों के अनुसार, जिन 20 सीआरपीएफ कंपनियों को दिल्ली भेजा गया है, वे कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान वहां तैनात थीं। चुनाव समाप्त होने के बाद राज्य सरकार के अनुरोध पर उन्हें वहीं रोका गया था। अब गृह मंत्रालय के आदेश के बाद इन सभी कंपनियों को तत्काल दिल्ली भेज दिया गया है। सीआरपीएफ की एक कंपनी में औसतन 100 जवान होते हैं, यानी लगभग 2,000 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी अब राजधानी की सुरक्षा में तैनात रहेंगे।

संसद, सरकारी दफ्तर और प्रदर्शन स्थल सुरक्षा घेरे में

दिल्ली में पहले से ही सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की करीब 30 कंपनियां तैनात हैं। अब अतिरिक्त बल के पहुंचने के बाद संसद भवन, केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, प्रमुख चौराहों और प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षा और मजबूत कर दी गई है। संभावित संवेदनशील इलाकों में RAF को भी स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

हर गतिविधि पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर

सुरक्षा एजेंसियां राजधानी की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि संसद सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए जा सकते हैं।

दिल्ली फिलहाल सिर्फ राजनीतिक टकराव का केंद्र नहीं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी परीक्षा भी बन चुकी है।संसद सत्र और लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच राजधानी में सुरक्षा का घेरा पहले से कहीं अधिक मजबूत कर दिया गया है।

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