कोर्ट मैरिज से पहले दूल्हे का यू-टर्न, पकड़ौआ विवाह का आरोप; बाढ़ सिविल कोर्ट में मचा हंगामा
(Today crime news)
बिहार पटना। बिहार के बाढ़ सिविल कोर्ट में एक प्रस्तावित कोर्ट मैरिज उस समय विवाद का रूप ले गई, जब विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया के दौरान दूल्हे ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और कोर्ट परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों पक्षों को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार और सीता देवी कोर्ट मैरिज के लिए बाढ़ सिविल कोर्ट पहुंचे थे। विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया के दौरान जब दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की बारी आई तो युवक ने अचानक साइन करने से मना कर दिया। युवक का आरोप है कि उसके साथ जबरन विवाह कराया गया है और यह कथित रूप से ‘पकड़ौआ विवाह’ का मामला है।
नीतीश कुमार का दावा है कि वह सीता देवी नहीं, बल्कि उसकी छोटी बहन ईशा से विवाह करना चाहता था। उसके अनुसार, सीता ने उसे किसी बहाने से गांव बुलाया, जहां परिवार के लोगों ने दबाव बनाकर मंदिर में उसकी इच्छा के विरुद्ध विवाह करा दिया। युवक ने आरोप लगाया कि उसे रातभर घर में रोके रखा गया, उसके साथ मारपीट की गई और अगले दिन मंदिर में फेरे कराए गए।
युवक का यह भी कहना है कि सीता देवी उससे लगातार संपर्क में रहती थीं और बातचीत न करने पर आत्महत्या की धमकी देती थीं। उसने कोर्ट में विवाह को कानूनी मान्यता देने की प्रक्रिया का विरोध करते हुए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया।
वहीं, लड़की पक्ष ने युवक के सभी आरोपों को निराधार बताया है। परिवार का कहना है कि दोनों के बीच पिछले दो महीनों से प्रेम संबंध था और मंदिर में उनकी शादी आपसी सहमति से हुई थी। उनका आरोप है कि विवाह के बाद युवक ने 20 लाख रुपये दहेज की मांग की और मांग पूरी न होने पर अब शादी से मुकर रहा है।
सीता देवी, जो हाथीदह क्षेत्र की निवासी हैं और पटना के एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत हैं, का कहना है कि उन्होंने अपनी वैवाहिक स्थिति और अपने बच्चे के बारे में पहले ही युवक को जानकारी दे दी थी। उनके अनुसार दोनों ने अपनी मर्जी से विवाह किया था और कोर्ट में उसी विवाह को कानूनी मान्यता दिलाने पहुंचे थे।
कोर्ट परिसर में विवाद बढ़ने पर सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और बाढ़ थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, जहां उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, अवर निबंधक कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित युवक-युवती की ओर से नियमानुसार विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन जमा नहीं कराया गया था। अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, युवक द्वारा लगाए गए जबरन विवाह के आरोप और युवती पक्ष द्वारा लगाए गए दहेज मांग के आरोपों के बीच यह मामला जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।


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