सीएम ग्रिड रोड पर अव्यवस्था की कीमत चुका रहे लोग, जलभराव और खुले गड्ढों से बढ़ा खतरा
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही बगिया क्रॉसिंग से केसा तक की सीएम ग्रिड रोड निर्माण पूरा होने से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। विभागीय समन्वय के अभाव में अधूरे पड़े सीवर कनेक्शन, ठप जलनिकासी और हल्की बारिश में हुए जलभराव ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निर्माणाधीन सड़क पर फैले पत्थरों और खुले गड्ढों के कारण मंगलवार को एक बाइक सवार हादसे का शिकार हो गया। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
बगिया क्रॉसिंग से केसा तक बन रही सीएम ग्रिड रोड को शहर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल किया गया है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान बुनियादी व्यवस्थाओं की अनदेखी स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सड़क निर्माण के बीच कई घरों के सीवर कनेक्शन अब तक मुख्य लाइन से नहीं जोड़े गए हैं। नतीजतन सीवर का गंदा पानी गलियों और घरों के बाहर जमा हो रहा है, जिससे दुर्गंध के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। मंगलवार को हुई हल्की बारिश ने निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से बारिश का पानी सड़कों और गलियों में भर गया। कई स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया, जबकि निर्माणाधीन सड़क पर जगह-जगह पड़े पत्थर, मलबा और खुले गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता देते दिखाई दिए। इसी दौरान दोपहर में एक युवक बाइक से निर्माणाधीन सड़क से गुजर रहा था। सड़क पर बिखरे पत्थरों के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गड्ढे में जा गिरा।
आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल दौड़कर युवक को बाहर निकाला। गनीमत रही कि उसे गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना ने निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही को उजागर कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा भी हो सकता है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जलकल, जल निगम और नगर निगम के बीच समन्वय के अभाव का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। एक विभाग सड़क बना रहा है तो दूसरा सीवर और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा। कई बार शिकायतें और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ सभी सीवर कनेक्शनों को तत्काल मुख्य लाइन से जोड़ा जाए, नालियों की नियमित सफाई कराई जाए और निर्माणाधीन सड़क पर पड़े मलबे, पत्थरों व खुले गड्ढों को तत्काल हटाकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि मानसून से पहले प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो करोड़ों रुपये की यह महत्वाकांक्षी परियोजना जनता के लिए सुविधा के बजाय बड़ी मुसीबत साबित होगी।




Post a Comment