राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सियासत तेज, केजरीवाल ने SIT को बताया लीपापोती का हथकंडा, CBI-ED जांच की उठाई मांग

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सियासत तेज, केजरीवाल ने SIT को बताया लीपापोती का हथकंडा, CBI-ED जांच की उठाई मांग

(Today crime news)

नई दिल्ली। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस प्रकरण की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की निष्पक्षता और वैधता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे केवल लीपापोती का प्रयास करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना एफआईआर दर्ज किए गठित की गई जांच समिति के पास न तो कानूनी अधिकार हैं और न ही प्रभावी कार्रवाई करने की शक्ति।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब तक एफआईआर दर्ज न होना स्वयं में कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि आखिर किस कानून और किस प्रक्रिया के तहत बिना प्राथमिकी के SIT का गठन किया गया है।

केजरीवाल ने दावा किया कि मौजूदा SIT किसी भी संदिग्ध को समन जारी नहीं कर सकती, न छापेमारी कर सकती है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का अधिकार रखती है। ऐसे में यह पूरी जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच का दायरा केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रखा जा रहा है, जबकि इतने बड़े स्तर की कथित अनियमितता बिना प्रभावशाली लोगों की भूमिका के संभव नहीं हो सकती।

आम आदमी पार्टी प्रमुख ने वर्ष 2021 में सामने आए अयोध्या भूमि खरीद विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय भी भारी जनदबाव के बीच जांच समिति गठित की गई थी, लेकिन न तो कोई एफआईआर दर्ज हुई और न ही जांच का परिणाम सार्वजनिक हुआ। उनके अनुसार, वर्तमान मामला भी उसी दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है, जहां समय बीतने के साथ जांच ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि संवेदनशील मामलों में जनता के आक्रोश को शांत करने के लिए अक्सर अधिकारविहीन जांच समितियां गठित कर दी जाती हैं, जबकि वास्तविक दोषियों तक पहुंचने की गंभीर कोशिश नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए चढ़ावे से जुड़े किसी भी आरोप की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। 

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मामले की जांच तत्काल सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे। केजरीवाल ने कहा कि देश का हर रामभक्त यह जानना चाहता है कि आखिर चढ़ावे की कथित अनियमितताओं के पीछे कौन लोग हैं और उन पर कार्रवाई कब होगी।

फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें सरकार तथा जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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