फर्जी वीडियो विवाद पर भगवंत मान का पलटवार, बोले- "विकास पर बहस नहीं कर पा रहा विपक्ष, इसलिए धर्म का सहारा ले रहा

फर्जी वीडियो विवाद पर भगवंत मान का पलटवार, बोले- विकास पर बहस नहीं कर पा रहा विपक्ष, इसलिए धर्म का सहारा ले रहा

(Today crime news)

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कथित विवादित वीडियो मामले को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक रूप से लगातार विफल हो चुके दल अब धर्म की आड़ लेकर उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एक फर्जी वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और अब जब तथ्यों के आधार पर विपक्ष के आरोप कमजोर पड़ रहे हैं, तो जांच एजेंसियों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार को विकास और जनहित के मुद्दों पर घेरने में असफल विपक्ष अब धार्मिक भावनाओं को भड़काकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बेअदबी से जुड़े सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक हताशा का परिणाम है।

भगवंत मान ने कहा कि सिख धर्म और गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति उनके मन में गहरी आस्था और सम्मान है। उन्होंने कहा कि उनके पारिवारिक संस्कारों में गुरु साहिब का सम्मान सर्वोच्च रहा है और ऐसे आरोप न केवल निराधार हैं बल्कि उनकी धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने वाले हैं।

मुख्यमंत्री ने अकाली दल और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने अपने शासनकाल में बेअदबी के मामलों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन दोषियों को सजा दिलाने में कोई गंभीर प्रयास नहीं किए। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अब राजनीतिक दलों की रणनीतियों को भली-भांति समझती है और यह पहचान चुकी है कि कौन राज्य के विकास के लिए काम कर रहा है और कौन धार्मिक मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाना चाहता है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें साहस है तो वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे मुद्दों पर खुली बहस करें।

फॉरेंसिक रिपोर्ट को लेकर बढ़ा विवाद

विवाद उस वायरल वीडियो को लेकर है, जिसमें एक व्यक्ति को सिख गुरुओं की तस्वीरों पर कथित रूप से शराब छिड़कते हुए दिखाया गया था। विपक्षी दलों और कुछ धार्मिक संगठनों ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान हैं। इस मामले को लेकर धार्मिक संस्थाओं ने भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।

हालांकि मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी लगातार दावा करते रहे हैं कि वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति भगवंत मान नहीं हैं। पार्टी का कहना है कि सरकारी मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की जांच में भी वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान मुख्यमंत्री के रूप में नहीं हुई।

 जांच में नया मोड़

मामले में हाल ही में नया मोड़ तब आया जब गुरुग्राम पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि कुछ व्यक्तियों ने वीडियो को एआई जनित अथवा फर्जी साबित करने के उद्देश्य से मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार कराने का प्रयास किया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने लंबे समय तक अशांति और विभाजनकारी राजनीति का दौर देखा है, लेकिन अब राज्य शांति, विकास और आर्थिक प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है। उनकी सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश का सौहार्दपूर्ण वातावरण खराब नहीं होने देगी और धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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