अदिति यादव पर फर्जी अफवाह से सियासी घमासान: CM योगी ने दिए FIR के निर्देश, डिंपल बोलीं- 'गंदी राजनीति

अदिति यादव पर फर्जी अफवाह से सियासी घमासान: CM योगी ने दिए FIR के निर्देश, डिंपल बोलीं- 'गंदी राजनीति 


(Today crime news)

उत्तर प्रदेश लखनऊ/कानपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर व्यक्तिगत हमलों और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फेक नैरेटिव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई गई कथित अफवाह ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। वायरल पोस्टों में दावा किया गया कि अदिति यादव 7 करोड़ रुपये लेकर अपने नाइजीरियन मुस्लिम मित्र के साथ भाग गई हैं, जबकि जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी और मॉर्फ्ड तस्वीरों पर आधारित पाया गया।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे बेटी का अपमान बताते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं सपा सांसद डिंपल यादव ने इसे गंदी राजनीति करार देते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

8 और 9 जून 2026 को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और 5 से 7.5 करोड़ रुपये के हिसाब को लेकर सवाल उठाए थे। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज थी। इसी बीच 9 और 10 जून को सोशल मीडिया पर अदिति यादव की कथित तस्वीरें और आपत्तिजनक दावे वायरल होने लगे।

वायरल पोस्टों में दावा किया गया कि अदिति यादव लंदन से गायब हो गई हैं और करोड़ों रुपये लेकर विदेश भाग गई हैं। बाद में जांच में सामने आया कि तस्वीरें मॉर्फ्ड अथवा एआई जनरेटेड थीं और दावे तथ्यहीन थे।

कई जिलों में दर्ज हुई एफआईआर

11 और 12 जून को सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इन पोस्टों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर सेल में शिकायत के आधार पर कई लोगों के खिलाफ महिला की गरिमा भंग करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। प्रतापगढ़ सहित अन्य जिलों में भी अलग-अलग शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि प्रयागराज में अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।

CM योगी बोले- बेटी का सम्मान हर हाल में जरूरी

13 जून को आजमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "बेटी, बेटी होती है। किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।" उन्होंने बताया कि मामला सामने आते ही पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपने कार्यकर्ताओं की भाषा और आचरण पर नियंत्रण रखने की अपील भी की।

डिंपल यादव का पलटवार

उधर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में डिंपल यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह "गंदी राजनीति" है और वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और राजनीतिक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।

शिवपाल यादव ने भी जताई नाराजगी

सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने इस पूरे प्रकरण की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी परिवार की महिलाओं और बेटियों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें।

कौन हैं अदिति यादव?

करीब 23 वर्षीय अदिति यादव, अखिलेश यादव और डिंपल यादव की बड़ी बेटी हैं। उन्होंने लखनऊ के ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और वर्तमान में लंदन स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) में राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पढ़ाई कर रही हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में वे अपनी मां डिंपल यादव के चुनाव प्रचार में भी दिखाई दी थीं।

क्या है सच्चाई?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार अदिति यादव सुरक्षित हैं और विदेश में अपनी पढ़ाई कर रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल किए गए "7 करोड़ रुपये लेकर भागने" के दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसे फर्जी व भ्रामक बताया जा रहा है। मामले की जांच जारी है तथा कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई भी की गई है।

यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में परिवारों, खासकर महिलाओं और बेटियों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक विमर्श को किस दिशा में ले जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और चरित्र हनन के खिलाफ कानून का सख्ती से पालन किया जाना समय की मांग है।

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