कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम का शेड ढहा, मलबे में दबे दर्जनों मजदूर; तीन की मौत, राहत-बचाव अभियान जारी
(Today crime news)
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारा ताला औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। ब्रेस ब्रिज के निकट ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित एक निर्माणाधीन गोदाम का विशाल लोहे का ढांचा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे दर्जनों मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना दोपहर करीब 1:30 बजे उस समय हुई जब गोदाम के लिए लगाए जा रहे लोहे के खंभों और टीन शेड का ढांचा अचानक असंतुलित होकर गिर पड़ा। हादसे के वक्त निर्माण स्थल पर करीब 50 से 60 मजदूर मौजूद थे। कुछ मजदूर संरचना को स्थापित करने में जुटे थे, जबकि कई अन्य दोपहर के भोजन के दौरान वहीं मौजूद थे।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन दल, एनडीआरएफ तथा सेना के जवानों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। भारी लोहे की बीमों और मलबे को हटाने के लिए क्रेन, गैस कटर और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, घायलों और मृतकों को तत्काल एसएसकेएम अस्पताल पहुंचाया गया। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। राहत दलों का कहना है कि अभी भी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते बचाव कार्य लगातार जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोदाम का निर्माण कार्य पोर्ट ट्रस्ट की पट्टे पर ली गई भूमि पर किया जा रहा था। हादसे के बाद निर्माण कार्य की अनुमति, सुरक्षा मानकों के पालन और तकनीकी निरीक्षण को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है तथा आम नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। राज्य सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।
यह हादसा एक बार फिर देशभर में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन नहीं किया जाना ऐसी घटनाओं की बड़ी वजह बनता जा रहा है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है तथा प्रशासन मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटा हुआ है।





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