नानकारी में जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त, सीवरयुक्त पानी से घिरे घर; अतिक्रमण और टूटा नाला बना बड़ी मुसीबत
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। शहर के वार्ड-27 नानकारी क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था की बदहाली अब गंभीर जनसमस्या का रूप ले चुकी है। नालों पर बढ़ते अतिक्रमण, क्षतिग्रस्त जल निकासी तंत्र और टूटी हुई नाला संरचना के कारण बरसात के दौरान पूरा क्षेत्र जलभराव की चपेट में आ जाता है। हालात इतने खराब हैं कि कई स्थानों पर लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है, जबकि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हाल ही में हुई बारिश के बाद क्षेत्र की कई गलियां और सड़कें सीवर एवं मलमूत्र मिश्रित गंदे पानी से भर गईं। जल निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण पानी लंबे समय तक जमा रहा, जिससे लोगों को दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियां संचालित करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई घरों में गंदा पानी घुसने से घरेलू सामान खराब हो गया और लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि नालों और नालियों पर वर्षों से हो रहे अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी लगभग ठप हो चुकी है। वहीं आईआईटी क्षेत्र से जुड़ा प्रमुख नाला क्षतिग्रस्त होने के कारण बरसाती और सीवर का पानी सीधे रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते नाले की मरम्मत और सफाई नहीं कराई गई तो आगामी मानसून में स्थिति और भयावह हो सकती है।
जलभराव के कारण क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। गंदे पानी और बदबू के बीच मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित रोगों की आशंका बनी हुई है। स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के साथ-साथ कई मकानों की नींव तक पानी पहुंचने से भवनों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगा है। कुछ स्थानों पर दीवारों में सीलन और दरारें आने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
चिंताजनक बात यह है कि समस्या कोई नई नहीं है। क्षेत्र में जलभराव और जल निकासी बाधित होने की शिकायतें लंबे समय से उठती रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। बरसात के हर मौसम में यही स्थिति दोहराई जाती है और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों व पार्षद सुनील कुमार पासवान ने नगर आयुक्त और संबंधित विभागों से मांग की है कि नालों पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए, क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत कराई जाए तथा पूरे क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था का व्यापक सर्वे कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आगामी बारिश में नानकारी के कई हिस्सों में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
क्षेत्र में नालों पर हुए अतिक्रमण और टूटी जल निकासी व्यवस्था के कारण बरसात में गलियां जलमग्न हो जाती हैं। लोगों को घरों से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
(नानकारी निवासी रजत चौहान)
बारिश के दौरान बच्चों को स्कूल जाने के लिए गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। सड़कों और गलियों में भरे पानी के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। प्रशासन को जल्द प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
(क्षेत्रीय निवासी टिंकू कश्यप)
मलमूत्र युक्त गंदे पानी और जलभराव के कारण क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मच्छरों के प्रकोप और गंदगी से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
(स्थानीय निवासी हर्ष सोनकर)
आईआईटी का नाला टूटने और जलभराव की समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों व नगर निगम अधिकारियों को अवगत कराया गया है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी बारिश में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
(पार्षद 27 सुनील कुमार पासवान)







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