जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; संस्थापक अभिजीत दिपके चर्चा में
(Today crime news)
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर शनिवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं और अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, नीट-यूजी पेपर लीक प्रकरण और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। आंदोलनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
इस आंदोलन के केंद्र में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके हैं, जो हाल के दिनों में सोशल मीडिया और युवा वर्ग के बीच तेजी से चर्चित हुए हैं। अमेरिका से भारत पहुंचे दिपके ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर आंदोलन का नेतृत्व किया। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में युवाओं ने नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई।
सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंचा आंदोलन
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान के रूप में शुरू हुई पहल है। बताया जाता है कि इसकी शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट से हुई थी, जिसमें अभिजीत दिपके ने व्यवस्था और युवाओं की समस्याओं को लेकर सवाल उठाए थे। देखते ही देखते यह अभियान लाखों युवाओं से जुड़ गया और डिजिटल विरोध अब जमीनी आंदोलन का रूप ले चुका है।
युवाओं के बीच तेजी से बढ़ी लोकप्रियता
सोशल मीडिया पर CJP की व्यंग्यात्मक शैली और तीखे सवालों ने युवाओं का ध्यान आकर्षित किया है। आंदोलन से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया अकाउंट्स को बड़ी संख्या में फॉलोअर्स मिले हैं, जिससे यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
कौन हैं अभिजीत दिपके?
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के मूल निवासी अभिजीत दिपके वर्तमान में अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में पब्लिक रिलेशंस की पढ़ाई कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वे पहले राजनीतिक संचार और डिजिटल कैंपेनिंग से जुड़े रहे हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय दिपके ने खुद को दलित समुदाय से जुड़ा बताया है और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर मुखर राय रखने के कारण लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।
परीक्षा प्रणाली पर बढ़ता दबाव
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा विवादों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सरकार को ठोस कदम उठाकर युवाओं का भरोसा बहाल करना चाहिए। फिलहाल, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का यह आंदोलन सोशल मीडिया से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के छात्र असंतोष की नई अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर नजरें टिकी हुई हैं।



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