मानसून से पहले नगर निगम का एक्शन मोड, नाला सफाई में ढिलाई पर गिरेगी गाज

मानसून से पहले नगर निगम का एक्शन मोड, नाला सफाई में ढिलाई पर गिरेगी गाज


(Today crime news)

उत्तर प्रदेश कानपुर। आगामी मानसून को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने नालों और नालियों की सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। बुधवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने जोन-5 और जोन-6 के अंतर्गत रफाका नाले समेत विभिन्न प्रमुख नालों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई कार्य में गंभीर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई गई तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने काकादेव, रावतपुर और आनंद नगर क्षेत्र में रफाका नाले की सफाई का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि नाले की तलीझार सफाई पोकलेन मशीन से की जा रही है, लेकिन कार्य की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इस पर उन्होंने मशीन से प्रतिदिन छह घंटे के बजाय आठ घंटे कार्य लेने और सफाई अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। नमक फैक्ट्री चौराहे से एकता स्वीट हाउस तक जाने वाले महत्वपूर्ण नाले में सफाई कार्य लगभग ठप मिलने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर नाले की तलीझार सफाई पूरी कराने तथा लापरवाही बरतने पर जोनल अभियंता-6 को चेतावनी और कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान एकता स्वीट हाउस से एम ब्लॉक काकादेव तक सफाई व्यवस्था भी असंतोषजनक मिली। कई स्थानों पर नालियां गंदगी और सिल्ट से भरी हुई थीं। इस पर जोनल स्वच्छता अधिकारी-6 को भी चेतावनी और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने नमक फैक्ट्री क्षेत्र में निजी सीवर सक्शन मशीनों द्वारा सीवेज को खुले नाले में डालने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालकों के विरुद्ध नगर निगम अधिनियम की धाराओं के तहत चालान और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से क्षेत्र में दुर्गंध और प्रदूषण फैल रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुजैनी बाईपास पुलिया और रविदास पुरम क्षेत्र में भी रफाका नाले की सफाई में अनियमितताएं मिलने पर नगर आयुक्त ने जोनल अभियंता-5 को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए तथा एक सप्ताह के भीतर सफाई और सिल्ट उठान पूरा कर फोटो उपलब्ध कराने को कहा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मानसून से पहले सभी नालों की पारदर्शी और प्रभावी तलीझार सफाई सुनिश्चित की जाए। भविष्य में निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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