लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में अलर्ट: 865 कोचिंग संस्थानों की जांच, 20 से अधिक प्रतिष्ठान सील
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए दर्दनाक कोचिंग संस्थान अग्निकांड के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के निर्देशन में सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय सभागार में संयुक्त सुरक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में शहर के कोचिंग संस्थानों, होटलों, हॉस्टलों, अस्पतालों, सिनेमाघरों, शॉपिंग मॉल तथा अन्य बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों के संचालकों को अग्नि एवं आपदा सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
गोष्ठी में मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अग्नि सुरक्षा उपायों, भवन संरक्षा, आपदा प्रबंधन, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली तथा फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यक्षमता की विस्तृत समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बेसमेंट अथवा अन्य स्थानों पर सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियां दूर नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नोटिस जारी करने, आर्थिक दंड लगाने, भवन सील करने तथा आवश्यकता पड़ने पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने संचालकों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी प्रक्रिया और अग्निशमन उपकरणों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित रूप से फायर सेफ्टी प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोका जा सके।
कमिश्नरेट पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त सत्यापन अभियान के तहत अब तक 865 कोचिंग संस्थानों, 490 अस्पतालों, 490 विद्यालयों और 160 हॉस्टलों का निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर अग्निशमन विभाग ने 40 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले 20 से अधिक प्रतिष्ठानों को कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा सील किया जा चुका है।
बैठक में एडीएम सिटी, कानपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, विद्युत विभाग तथा जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने भी सहभागिता की। इस दौरान डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, डीसीपी दक्षिण दीपेन्द्र नाथ चौधरी, डीसीपी पश्चिम एस.एम. काबिस आबिदी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। आने वाले दिनों में भी शहरभर में निरीक्षण और सत्यापन अभियान जारी रहेगा तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





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