लखनऊ अग्निकांड के बाद केडीए की बड़ी कार्रवाई: 16 कोचिंग व व्यावसायिक प्रतिष्ठान सील, 22 और रडार पर
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक अभियान छेड़ दिया है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर शिकंजा कसते हुए मंगलवार को केडीए ने शहर के 16 संस्थानों को सील कर दिया, जबकि 22 अन्य प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में रखा गया है। केडीए की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर भवन मानचित्र, अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की पड़ताल की। जांच के दौरान कई संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कहीं भवन स्वीकृत मानचित्र के विपरीत संचालित मिले तो कहीं अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। इन खामियों को देखते हुए तत्काल सील बंदी की कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण के अनुसार, जोन-1 में तीन, जोन-2 में पांच, जोन-3 में तीन तथा जोन-4 में पांच संस्थानों को सील किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में अभियान को और तेज किया जाएगा। केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने कहा कि विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का चरणबद्ध सत्यापन कराया जा रहा है। जहां भी भवन उपविधियों, अग्नि सुरक्षा मानकों या अन्य नियामक नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में 22 और संस्थानों को चिन्हित किया गया है। इनकी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नोटिस जारी करने, सीलबंदी करने अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। केडीए का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संस्थानों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक और जवाबदेह बनाना भी है।
प्राधिकरण ने सभी संचालकों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि वे भवन और अग्नि सुरक्षा से संबंधित नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर बिना किसी पूर्व रियायत के सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर में सुरक्षा मानकों को लेकर शुरू हुआ यह विशेष अभियान अब उन संस्थानों के लिए चेतावनी बन गया है, जो अब तक नियमों को नजरअंदाज कर लोगों की जान जोखिम में डाल रहे थे।





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