4 महीने पहले बना फुटपाथ अब उखड़ा, 1 करोड़ की इंटरलॉकिंग पर उठे सवाल, 7.18 करोड़ की पीडब्ल्यूडी परियोजना का व्यापारियों ने किया विरोध

4 महीने पहले बना फुटपाथ अब उखड़ा, 1 करोड़ की इंटरलॉकिंग पर उठे सवाल, 7.18 करोड़ की पीडब्ल्यूडी परियोजना का व्यापारियों ने किया विरोध


(Today crime news)

उत्तर प्रदेश कानपुर। विजय नगर तिराहे से चैन फैक्ट्री चौराहे तक नगर निगम द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से कराए गए फुटपाथ इंटरलॉकिंग कार्य को महज चार माह बाद ही उखाड़े जाने से सरकारी योजनाओं के समन्वय और जनधन के उपयोग पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीडब्ल्यूडी द्वारा इसी मार्ग पर 7.18 करोड़ रुपये की लागत से सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण और सुंदरीकरण कार्य प्रस्तावित है। सोमवार को परियोजना के शिलान्यास के दौरान व्यापारियों ने इसका विरोध करते हुए सांसद को ज्ञापन सौंपा।

नगर निगम ने कराया था इंटरलॉकिंग कार्य, 80 प्रतिशत भुगतान भी हुआ

नगर निगम ने 15वें वित्त आयोग और निगम निधि से विजय नगर तिराहे से चैन फैक्ट्री चौराहे तक दोनों ओर फुटपाथ इंटरलॉकिंग के लिए क्रमशः 59 लाख और 40 लाख रुपये के टेंडर वर्ष 2025 में जारी किए थे। जनवरी-फरवरी 2026 में देवा ट्रेडर्स द्वारा कार्य पूरा कर दिया गया। निगम सूत्रों के अनुसार इस कार्य का लगभग 80 प्रतिशत भुगतान भी किया जा चुका है। इधर, पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए हाल ही में इसी इंटरलॉकिंग को उखाड़ना शुरू कर दिया गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है।

व्यापारियों का आरोप: रातों-रात उखाड़ी गई इंटरलॉकिंग

विजय नगर व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारियों गुरविंदर मनचंदा, वरुण अरोड़ा, अनुज सिंघल और मनीष पाल ने आरोप लगाया कि नई इंटरलॉकिंग को बिना पूर्व सूचना के हटाया जा रहा है। उनका कहना है कि फुटपाथ पर लगे पेड़ों को काटने के लिए भी मार्किंग कर दी गई है।व्यापारियों के अनुसार प्रस्तावित डिवाइडर और सड़क चौड़ीकरण से दुकानों के सामने की उपयोगी जगह कम हो जाएगी, जिससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होगी और व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

चैन फैक्ट्री चौराहे पर हुआ शिलान्यास

पीडब्ल्यूडी विजय नगर तिराहे से मरियमपुर चौराहे तक लगभग 1300 मीटर लंबी सड़क का निर्माण करेगा। परियोजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण तथा सुंदरीकरण कार्य प्रस्तावित हैं सोमवार को चैन फैक्ट्री चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद रमेश अवस्थी और विधायक सुरेंद्र मैथानी ने परियोजना का शिलान्यास किया।सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि आधुनिक मानकों के अनुरूप बनने वाली सड़क से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और आमजन को सुविधा मिलेगी। विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि शहर के बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है।

 पार्षद ने उठाए सवाल, एफआईआर की मांग

वार्ड-59 के पार्षद अरविंद यादव ने नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के बीच समन्वय की कमी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के पैसे से बने फुटपाथ को कुछ ही महीनों में तोड़ा जाना गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी ने नगर निगम को पूर्व सूचना दिए बिना इंटरलॉकिंग हटाई। यदि ऐसा हुआ है तो संबंधित विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जनता के हित में स्वीकृत कार्यों को समय से पहले ध्वस्त करना सरकारी धन की बर्बादी है।

व्यापारी बोले: पहले सर्वे हो, फिर हो निर्माण

व्यापारी अनुज सिंघल ने कहा, विजय नगर मार्केट क्षेत्र में डिवाइडर की आवश्यकता है या नहीं, इसका वैज्ञानिक सर्वे होना चाहिए। बिना जरूरत के किए जा रहे निर्माण से व्यापार प्रभावित होगा।

निगम का पक्ष

नगर निगम जोन-6 के अधिशाषी अभियंता आर.के. सिंह ने बताया, उखाड़ी गई इंटरलॉकिंग को अन्य स्थानों पर पुनः उपयोग में लाया जाएगा। हालांकि, इसमें श्रम लागत का नुकसान होगा। पीडब्ल्यूडी द्वारा हटाई गई इंटरलॉकिंग वापस की जा रही है।

बड़ा सवाल

चार माह पहले बने फुटपाथ को करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद उखाड़े जाने से यह प्रश्न उठ रहा है कि विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन से पहले विभिन्न विभागों के बीच समन्वय क्यों नहीं किया गया। यदि योजनाओं की पूर्व समीक्षा और संयुक्त कार्ययोजना बनाई जाती, तो सरकारी धन और संसाधनों की इस संभावित बर्बादी से बचा जा सकता था।

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