मानसून से पहले नाला सफाई की पोल खुली, कई क्षेत्रों में 25 फीसदी भी नहीं हुआ काम

मानसून से पहले नाला सफाई की पोल खुली, कई क्षेत्रों में 25 फीसदी भी नहीं हुआ काम


(Today crime news )

उत्तर प्रदेश कानपुर। बारिश का मौसम सिर पर है, लेकिन शहर में नाला-नाली सफाई को लेकर नगर निगम के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर दिखाई दे रहे हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में 50 से 80 प्रतिशत तक सफाई कार्य पूरा होने का दावा किया गया था, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत मिली। कई स्थानों पर नालियां गंदगी से भरी मिलीं और सफाई कार्य अधूरा पाया गया। जोन-1 के वार्ड-1 स्थित बांसमंडी क्षेत्र में नालों और नालियों की स्थिति का जायजा लेने महापौर प्रमिला पाण्डेय ने निरीक्षण किया, सामने आया कि कई जगहों पर अभी तक मात्र 25 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो सका है। ऐसे में मानसून के दौरान जलभराव की आशंका और बढ़ गई है। शहर में हर वर्ष जलभराव की समस्या को देखते हुए समय रहते नाला सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन विभागीय कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में नजर आ रही है।

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल कागजी प्रगति रिपोर्ट से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर सफाई कार्य दिखाई देना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान में तेजी लाकर सभी प्रमुख नालों और नालियों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें, ताकि बरसात के दौरान नागरिकों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।

शहरवासियों से भी अपील की गई है कि नाला-नालियों के ऊपर किए गए अतिक्रमण हटाने में सहयोग करें, जिससे सफाई कार्य बाधारहित ढंग से पूरा किया जा सके। इस दौरान मुख्य अभियंता सिविल सैय्यद फरीद अख्तर जैदी, डॉ. चंद्रशेखर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।बारिश का मौसम सिर पर है, लेकिन शहर में नाला-नाली सफाई को लेकर नगर निगम के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर दिखाई दे रहे हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में 50 से 80 प्रतिशत तक सफाई कार्य पूरा होने का दावा किया गया था, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत मिली। कई स्थानों पर नालियां गंदगी से भरी मिलीं और सफाई कार्य अधूरा पाया गया। जोन-1 के वार्ड-1 स्थित बांसमंडी क्षेत्र में नालों और नालियों की स्थिति का जायजा लेने महापौर प्रमिला पाण्डेय ने निरीक्षण किया, सामने आया कि कई जगहों पर अभी तक मात्र 25 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो सका है। ऐसे में मानसून के दौरान जलभराव की आशंका और बढ़ गई है। शहर में हर वर्ष जलभराव की समस्या को देखते हुए समय रहते नाला सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन विभागीय कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में नजर आ रही है।

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल कागजी प्रगति रिपोर्ट से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर सफाई कार्य दिखाई देना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान में तेजी लाकर सभी प्रमुख नालों और नालियों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें, ताकि बरसात के दौरान नागरिकों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।

शहरवासियों से भी अपील की गई है कि नाला-नालियों के ऊपर किए गए अतिक्रमण हटाने में सहयोग करें, जिससे सफाई कार्य बाधारहित ढंग से पूरा किया जा सके। इस दौरान मुख्य अभियंता सिविल सैय्यद फरीद अख्तर जैदी, डॉ. चंद्रशेखर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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