सीएम ग्रिड परियोजना की सुस्ती पर चला सवालों का चाबुक, बरसात से पहले काम पूरा करने का अल्टीमेटम
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। सीएम ग्रिड सड़क परियोजना में लगातार हो रही देरी और जनता को हो रही परेशानियों को लेकर गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई। महापौर और नगर आयुक्त की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए गए कि बरसात से पहले लंबित कार्यों में तेजी लाकर उन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। बैठक में बताया गया कि सीएम ग्रिड के प्रथम और द्वितीय चरण की कुल 10 प्रमुख सड़कों पर कार्य चल रहा है, लेकिन कई स्थानों पर सीवर, वाटर लाइन, ड्रेनेज और भूमिगत केबलों की जटिलताओं के कारण निर्माण प्रभावित है। इस पर महापौर ने कहा कि परियोजनाओं का शिलान्यास हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कोई भी सड़क पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। धूल, जलभराव और पेयजल बाधित होने जैसी समस्याओं को लेकर जनता लगातार शिकायतें कर रही है। जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि घंटाघर से ग्रीन पार्क मार्ग पर भूमिगत केबलों की पहचान न होने से कार्य प्रभावित हो रहा है, जबकि बर्रा-कर्रही मार्ग पर सीवर निस्तारण के लिए नई लाइन डालने की आवश्यकता है, जिससे परियोजना में अतिरिक्त समय लगेगा। बैठक में नगर आयुक्त ने भी स्वरूप नगर सहित कई क्षेत्रों में सड़कों पर बिखरी निर्माण सामग्री, गड्ढों और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी खुदाई हो, वहां बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से की जाए और बरसात के दौरान जलभराव रोकने के लिए पर्याप्त पंपों की व्यवस्था रखी जाए। स्टॉक एक्सचेंज और अंबा नर्सिंग होम के पास वर्षों से चली आ रही सीवर ओवरफ्लो की समस्या पर भी अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई। नगर आयुक्त ने सवाल उठाया कि 91 लाख रुपये की स्वीकृति मिलने और चार बार टेंडर प्रक्रिया होने के बावजूद काम शुरू क्यों नहीं हुआ। उन्होंने मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के अंत में महापौर ने स्पष्ट कहा कि सीएम ग्रिड परियोजना शहर की महत्वाकांक्षी योजना है और इसकी धीमी गति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अनावश्यक रूप से चौड़े फुटपाथों की समीक्षा कर सड़कों को अधिक उपयोगी बनाने तथा बरसात से पहले सड़कों पर पड़े मिट्टी के ढेर हटाने के निर्देश दिए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।



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