सेंट्रल स्टेशन पर अवैध वेंडरों का नेटवर्क सक्रिय, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सेंट्रल स्टेशन पर अवैध वेंडरों का नेटवर्क सक्रिय, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल



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उत्तर प्रदेश कानपुर। देश के व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में शामिल कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडरों की सक्रियता ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। सीसीटीवी कैमरों की व्यापक निगरानी और पूर्व में स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी जैसी गंभीर घटनाओं के बावजूद बिना अनुमति सामान बेचने का सिलसिला लगातार जारी है। प्लेटफॉर्म से लेकर ट्रेनों तक अवैध वेंडर खुलेआम सामान बेचते देखे जा रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। कैमरों में कुछ वेंडरों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं, जिनका संबंध कथित रूप से ठेकेदार राकेश शुक्ला से बताया जा रहा है। कुछ वेंडरों ने स्वयं स्वीकार किया कि वह शुक्ला के लिए कार्य करता है। कानपुर सेंट्रल से लखनऊ तक लखनऊ रूट की ट्रेनों में पॉपकॉर्न, खिलौने सहित अन्य सामान बेचता है। मिली जानकारी के अनुसार यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। यात्रियों ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अवैध बिक्री से रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं प्लेटफॉर्म और कोचों में भीड़ बढ़ने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। अवैध वेंडरों द्वारा बेची जा रही खाने-पीने की सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे यात्रियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसके अतिरिक्त अनियंत्रित आवागमन से सुरक्षा जोखिम भी बढ़ गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में गंभीर समस्या बन सकता है। रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद अवैध गतिविधियों का जारी रहना निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। यात्रियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। 

सिटी साइड पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सिटी साइड पार्सल क्षेत्र, स्वचालित सीढ़ियों और पैदल सीढ़ियों के रास्ते कथित रूप से अवैध वेंडरों के प्लेटफार्मों पर प्रवेश करने की बात सामने आई है। यहां पर्याप्त सुरक्षा जांच न होने से स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।

प्रवेश व निकास द्वार पर नहीं दिखती जांच

सिटी साइड प्रवेश और एग्जिट द्वार पर सुरक्षा कर्मियों की कमी बताई जा रही है। यात्रियों और अन्य लोगों की टिकट जांच नहीं होने से अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

कुछ वेंडरों के पास मेडिकल परमिशन है पर वह परमिशन लखनऊ से उन्नाव शुक्ला गंज तक पर ठेकेदार की सह पर कानपुर सेंट्रल के प्लेटफार्मों सक्रिय क्यों है।

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