अवैध बस स्टैंड का खेल: आदेश कागज़ों में, सड़कों पर डग्गेमारों का राज
Today crime news
उत्तर प्रदेश कानपुर। शहर की सड़कों पर कानून व्यवस्था मानो दम तोड़ चुकी है। घंटाघर से कोपरगंज मार्ग तक डग्गेमार वाहनों का ऐसा जाल फैल चुका है कि आम जनता रोज जाम, अव्यवस्था और खतरे के बीच सफर करने को मजबूर है। अवैध मिनी बस स्टैंड खुलेआम सड़क पर संचालित हो रहा है और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध संचालन पर सख्ती के निर्देश दे चुके हैं, तो आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है?
सड़क बनी अवैध अड्डा
घंटाघर से कोपरगंज जाने वाली सड़क पर सीपीसी रेलवे माल गोदाम गेट नंबर 4 के बाहर सड़क को ही मिनी बस स्टैंड में बदल दिया गया है। यहां खुलेआम सवारियां भरी जा रही हैं, लगेज की ओवरलोडिंग हो रही है और घंटों जाम लग रहा है।
टैक्स चोरी का खुला खेल
डग्गेमार बसों के जरिए सरकार को सीधे राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अगर यही सवारी और माल नियमों के तहत ले जाया जाए तो टैक्स देना पड़े, लेकिन अवैध संचालन से सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है।
जिम्मेदार कौन?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यातायात पुलिस और कलेक्टरगंज थाना पुलिस की अनदेखी के बिना यह संभव नहीं। सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही क्या किसी बड़े संरक्षण का साया है या फिर सिस्टम ही लाचार हो चुका है?
जनता परेशान, व्यापारी मजबूर
रोज लगने वाले जाम से आम लोग त्रस्त हैं। वहीं व्यापारी वर्ग भी झंझटों से बचने के लिए मजबूरी में इन डग्गेमार वाहनों का सहारा ले रहा है, जिससे अवैध नेटवर्क और मजबूत हो रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागेगा और सड़कों पर चल रहे इस अवैध खेल पर कब लगाम लगेगी, या फिर जनता यूं ही अव्यवस्था का बोझ ढोती रहेगी।



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