फर्जी जीएसटी फर्मों के जाल से 2.66 करोड़ की टैक्स चोरी का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश कानपुर। कानपुर पुलिस ने फर्जी जीएसटी फर्में बनाकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर आरोपियों—कमल गौरव साहू और एतिशाम हुसैन—को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी व अस्तित्वहीन फर्मों का जीएसटी पंजीकरण कराकर बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त के फर्जी टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी क्राइम एस. के. सिंह ने बताया कि थाना कल्याणपुर क्षेत्र में अपूर्वा ट्रेडिंग कम्पनी के नाम से फर्जी जीएसटी पंजीकरण और टैक्स चोरी की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की पुष्टि के लिए पुलिस टीम गठित कर राज्य कर मुख्यालय, लखनऊ के साथ समन्वय स्थापित कर जांच शुरू की गई। जांच में पाया गया कि अपूर्वा ट्रेडिंग कम्पनी का जीएसटी पंजीकरण पूरी तरह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया गया था। फर्म का घोषित व्यापार स्थल मेहरबान सिंह का पुरवा, कानपुर नगर में मिला, जहां किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं हो रही थी। स्थानीय लोगों ने भी पुष्टि की कि न तो वहां कोई कारोबार चलता है और न ही संबंधित व्यक्ति वहां निवास करता है। फर्म से जुड़ा पंजीकृत मोबाइल नंबर भी बंद मिला। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि यह फर्म पूरी तरह बोगस और अस्तित्वहीन थी, जिसके माध्यम से अन्य फर्जी फर्मों को आउटवर्ड सप्लाई दर्शाकर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जनरेट किए गए। इस संगठित नेटवर्क के जरिए आरोपियों द्वारा कुल 2 करोड़ 66 लाख 93 हजार 9 रुपये की जीएसटी टैक्स चोरी की गई। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में आगे की जांच जारी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।




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