जीआरपी कानपुर की सख्त पैरवी से शातिर लुटेरे को जेल, न्यायालय ने सुनाई सजा
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उत्तर प्रदेश कानपुर। रेलवे यात्रियों को निशाना बनाकर ट्रेनों में चोरी व छिनैती की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी को जीआरपी कानपुर सेन्ट्रल की सशक्त विवेचना और प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय से सजा दिलाई गई है। पुलिस उपाधीक्षक रेलवे दुष्यन्त कुमार सिंह के निकट पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी कानपुर सेन्ट्रल ओम नारायण सिंह के कुशल नेतृत्व में की गई कार्रवाई को यह बड़ी सफलता माना जा रहा है। थाना जीआरपी कानपुर सेन्ट्रल क्षेत्र के शातिर अपराधी मो० आरिफ पुत्र मो० अलीम निवासी मासूम के घर, नये पुल के नीचे झोपड़पट्टी, बालूघाट शुक्लागंज, थाना गंगाघाट, जनपद उन्नाव (उम्र 24 वर्ष) विभिन्न प्रांतों एवं जनपदों में ट्रेनों के माध्यम से यात्रियों से टिकट के बहाने जान-पहचान कर मौका पाकर चोरी व छिनैती की घटनाओं को अंजाम देता था। अभियुक्त के विरुद्ध पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। 4 सितंबर 2024 को जीआरपी कानपुर सेन्ट्रल द्वारा अभियुक्त को एक मामले का खुलासा करते हुए चोरी से संबंधित बरामद माल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद पुलिस द्वारा प्रभावी विवेचना करते हुए समयबद्ध तरीके से आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियुक्त को दोषी करार देते हुए एक वर्ष चार माह का कारावास एवं एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक द्वारा प्रस्तुत ठोस गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अपराध सिद्ध हुआ। न्यायालय ने अपने निर्णय में अपराध की गंभीरता और समाज पर पड़ने वाले उसके दुष्प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सजा सुनाई। जीआरपी की इस कार्रवाई से रेलवे क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और रोकथाम के लिए अभियान आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगा।


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