दीपावली के बाद शहर में कूड़े का अंबार, ध्वस्त हुई सफाई व्यवस्था
नगर निगम के पांच हजार से अधिक सफाई कर्मियों की छुट्टी से ठप रहा कूड़ा उठान, गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक फैली गंदगी
Today crime news
उत्तर प्रदेश कानपुर। दीपावली के परेवा और भाई दूज पर्व के एक दिन तक शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। नगर निगम के करीब पांच हजार से अधिक सफाई कर्मियों ने छुट्टी ले ली, जिससे न केवल झाड़ू नहीं लगी बल्कि कूड़ा उठान भी पूरी तरह प्रभावित रहा। नतीजतन, शहर में करीब एक हजार मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा सड़कों, गलियों और कूड़ा अड्डों पर जमा हो गया। कई प्रमुख मार्गों पर तो इतना कूड़ा जमा हो गया कि वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। सफाई कार्य की मॉनीटरिंग में लगे अधिकारी भी दिनभर नदारद रहे। दीपावली के दिन से ही सफाई कार्य प्रभावित था, लेकिन गुरुवार को हालात और बिगड़ गए। सुबह की सफाई के बाद घरों से निकला कूड़ा दोबारा सड़कों पर फैल गया, जिससे गलियों में कूड़े के ढेर लग गए। पॉश इलाकों में भी गंदगी का आलम देखने को मिला। सर्वोदय नगर के विश्वकर्मा चौक के पास विधायक सुरेंद्र मैथानी के आवास के समीप मुख्य मार्ग पर कूड़े का पहाड़ लग गया। शाम तक यहां की स्थिति और बिगड़ गई। पास की टूटी पेयजल लाइन से बहते पानी में कूड़ा घुल जाने से इलाके में भीषण दुर्गंध फैल गई।
शास्त्री नगर के छोटा सेंटर पार्क, जूही, पनकी, किदवई नगर, शारदा नगर, जीटी रोड और कालपी रोड सहित अधिकांश क्षेत्रों में सफाई कर्मियों के न पहुंचने से कूड़ा ढेरों में बदल गया। कई मोहल्लों में लोगों ने अवैध रूप से बने कूड़ा घरों और ट्रांसफर स्टेशनों के बाहर भी कूड़ा फेंकना शुरू कर दिया। कोका कोला चौराहे से गोल चौराहे तक, रेलवे क्रॉसिंग के पास और नई सड़क के डिवाइडर पर भी कूड़े के ढेर नजर आए। सूतरखाना स्थित हरबंस मोहाल थाने के आगे रेलवे पार्सल गेट के पास बने कूड़ा घर के बाहर भी कूड़े का अंबार लग गया। कई जगहों पर कूड़े में आग भी जलती देखी गई, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दीपावली के बाद से लगातार तीन दिन से सफाई व्यवस्था अस्त-व्यस्त है। नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक स्थिति सामान्य करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।





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