कोयला पिसाई मशीन की चपेट में आने से 15 वर्षीय बाल मजदूर की मौत।
एक तरफ सरकार बाल मजदूरी उन्मूलन के क्षेत्र में लगातार लोगों को जागरूक कर रही है और प्रखंड एवं गांव स्तर पर बाल संरक्षण समिति की गठन की जा रही है।
लेकिन गरीबी कि कुचक्र बहुत ऐसे परिवारों को बाल मजदूरी करने पर विवश करती है। सरकार जब तक बाल मजदूरी में लगे लोगों की असली कारण की पता नहीं करती और उसके जीविकोपार्जन का ठोस निदान नहीं निकालती तब तक यह बाल मजदूरी उन्मूलन केवल दिखावा ही साबित होगा।
कुछ ऐसा ही उदाहरण सामने आया जो दिल को दहला देने वाली है।अपने परिवार के जीविकोपार्जन को लेकर जोखिम भरे काम में अपने जिंदगी को गवा बैठ। तेघरा थाना अंतर्गत बरौनी दो मधुरापुर वार्ड संख्या 12 दियारा क्षेत्र मैं अवस्थित ईट भट्ठा पर 3 फरवरी गुरुवार की शाम मैं कोयला पिसाई मशीन की चकरी ब्लास्ट करने पर मशीन पर कार्यरत 15 वर्षीय बाल मजदूर सूरज कुमार की मौत चकरी के बड़े टुकरें की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही हो गया।
इतनी तेज गति से टूटे हुए बड़े बड़े टुकड़े तेज रफ्तार से दूर जाकर गिरा मानो क्षेत्र में हाहाकार सा मच गया। चौकीदार लालो पासवान ने बताया कि मृतक सूरज कुमार, पिता धर्मेंद्र उर्फ ढ़ोड़ो शर्मा, पंचायत धनकौल आलापुर के वार्ड संख्या छह निवासी हैं। 6 दिन पूर्व दिल्ली से अपने घर वापस आया था.
घर की दयनीय स्थिति ने उसे मजदूरी करने पर विवश किया घर में पिता माता एवं 10 वर्षीय भाई है इसके पिता कुष्ठ रोग से ग्रसित है। परिवार के भरण पोषण के लिए 6 दिन से चिमनी पर कोयला पिसाई के काम को पकड़ा था। इसकी मृत्यु से परिवार का सहारा ही छीन गया।
मौके पर तेघरा थाना घटनास्थल पर पहुंचकर लाश को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया गया। मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

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