भाई-बहन के अटूट प्यार का बंधन है रक्षा बंधन बाजारों में छाया रहा सन्नाटा दुकाने सजी की सजी रह गई
फर्रुखाबाद कमालगंज यह त्यौहार भाई बहन स्नेह की डोर बनता है इस दिन बहन अपने भाई के मस्तक पर तिलक लगाकर भाई की कलाई पर जो धागा बांधते हैं रक्षाबंधन राखी के रूप में जाना जाता है.
यह त्यौहार हिंदू जैन भी मनाते हैं जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है रक्षाबंधन के दिन बहने भगवान से अपने भाइयों की लंबी उम्र व तरक्की के लिए प्रार्थना करती हैं.
यह त्यौहार भाई-बहन के बीच प्रेम का प्रतीक है भाई भी अपनी कलाई पर राखी बंधवा कर जीवन भर बहन के सुख दुख में साथ निभाने का वादा करता है प्राचीन काल से हिंदी पंचांग के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है आज रक्षाबंधन के त्यौहार बड़े उत्साह से बहनों ने भाई की कलाई में राखी बांध तथा मस्तक पर तिलक लगाकर मिष्ठान खिलाकर मनाया भाई का आशीर्वाद भी लिया.
जबकि श्रावण मास की पूर्णिमा को सुबह से लोग गंगा स्नान करने के लिए गए तथा स्नान के बाद अपनी बहनों से राखी बंधवा कर इसने रक्षा का वचन दिया बाजारों में राखी खरीदने वालों की नहीं दिखी भीड़ सजी की सजी रह गई मिठाई व राखी की दुकानें दुकानदारों की मायूसी साफ नजर आ रही थी.
क्योंकि राखियां लाया और उनकी दुकानों पर बिक्री नाममात्र की हुई और सभी दुकानें सजी की सजी रह गई इसमें दुकानदार राजकुमार नीरज सौरव गुप्ता गौरव गुप्ता राम तीरथ राम अवतार आदि दुकानदारों ने बताया जो राखियां लाए थे उसमें से पैसे भी पूरे नहीं हुए इस बार हमें जब जबरदस्त नुकसान हुआ है जबकि पिछली रक्षाबंधन को कोरोना काल चल रहा था तब राखियां नहीं ला पाए थे इस बार लाए वह भी कि नहीं बिकी.


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