मारपीट और छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराने को दर - दर भटकती हुई महिला ।
बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा प्रदेश की राजधानी में हुआ फेल ।
लखनऊ :- जहाँ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सत्ता हासिल करते ही दावे किये थे कि सूबे में कानून व्यवस्था के मामलो में एक ऐसी मिसाल हमारी सरकार पेश करेगी की गुंडे और बदमाशो का नाम मिट जाएगा और आपराधिक मानसिकता वाले व्यक्ति या तो जेल में होंगे या प्रदेश के बाहर होंगे लेकिन सूबे के मुख्यमंत्री के इस खास मिशन को राजधानी लखनऊ में स्थित सरोजनी थाने के पुलिस कर्मी पलीता लगाते हुए नज़र आ रहे है।
क्यों कि महिला उत्पीड़न में जहाँ तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए थी वही पर महिला पर चालान करके दबाव बनाने का प्रयास किया गया।
महिला ने बताया कि उसके श्रेत्र में रहने वाले कुछ अराजक तत्व उसको आये दिन छेड़ते थे और जब महिला ने उनके द्वारा करी गयी छेड़खानी का विरोध किया और अपने मोबाइल में रिकॉर्डिंग बना ली तो अराजक तत्वों ने महिला को गिरा गिरा कर मारा जिससे उसके सर पर गहरी चोटे आयी और उसका मोबाइल भी तोड़ दिया जिसके बाद से पीड़ित महिला आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए भटक रही है।
लेकिन संबंधित थाने में कोई भी रिपोर्ट दर्ज नही करी गयी जिस कारण महिला को जान का खतरा बना हुआ पीड़ित महिला का कहना है कि अगर आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नही हुई तो वह आत्मदाह कर लेगी


रिपोर्ट: शुभंकर तिवारी
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