ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर दिल्ली में सियासी संग्राम, केजरीवाल-ममता समेत 2,000 से अधिक नेता हिरासत में

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर दिल्ली में सियासी संग्राम, केजरीवाल-ममता समेत 2,000 से अधिक नेता हिरासत में

जंतर-मंतर कूच से पहले पुलिस की कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का दावा, संबित पात्रा ने विपक्ष पर साधा निशाना,मोदी बनाम मीर जाफर बताकर बढ़ाई राजनीतिक बहस

(Today crime news)

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों को हिरासत में लिए जाने की खबरों के बीच सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, सौरभ भारद्वाज, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। दोपहर तक 2,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया। हालांकि, इन आंकड़ों और हिरासत में लिए गए सभी लोगों की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

जंतर-मंतर की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, कई जगह कार्रवाई

प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और मिंटो ब्रिज समेत दिल्ली के कई इलाकों से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। विरोध मार्च में शामिल होने जा रहे वकीलों पर भी कार्रवाई की गई। INA के पास से AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों का मार्च जंतर-मंतर की ओर बढ़ा। नेहा बोरा एम्स के पास योगेंद्र यादव के साथ मार्च में शामिल हुईं। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे कई वकीलों को भी सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में ले लिया।

एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके को एयरपोर्ट पर विमान के भीतर से ही हिरासत में लिए जाने की खबर है। उनके साथ CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी पुलिस अपने साथ ले गई। दीपके ने हिरासत से पहले पुलिसकर्मियों से कहा कि वह गिरफ्तार होने के लिए ही आए हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को तानाशाही करार दिया।

हिरासत के बीच परिवार में मातम, दादी का निधन

इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अभिजीत दीपके के परिवार से दुखद खबर सामने आई। उनकी करीब 80 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकर दीपके का शनिवार को लंबी बीमारी के बाद महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में निधन हो गया। दीपके मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर के निवासी हैं, जबकि संतुक पिंपरी उनका पैतृक गांव है। उनके दादा-दादी गांव में रहते थे।

परिवार के मुताबिक, अभिजीत के माता-पिता छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास ‘शंकर सदन’ से गांव जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान अभिजीत के दिल्ली पुलिस की हिरासत में होने की जानकारी सामने आई। परिवार और गांव में शोक का माहौल है।

मोदी बनाम मीर जाफर’ बोलकर संबित पात्रा का विपक्ष पर हमला

दूसरी ओर, भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्षी नेताओं के स्टारलिंक से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट पर निशाना साधा। उन्होंने पूरे राजनीतिक टकराव को ‘मोदी बनाम मीर जाफर’ की संज्ञा दी। पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष सत्ता हासिल करने के लिए देश को भी दांव पर लगा सकता है और सड़कों पर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्ष बिना चुनाव जीते सत्ता पाना चाहता है।

हालांकि, ये संबित पात्रा के राजनीतिक आरोप हैं, स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं। विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों की ओर से उठाए गए सवालों तथा पुलिस कार्रवाई के औचित्य पर संबंधित पक्षों का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।

चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध ने बढ़ाया सियासी तनाव

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन और उसके दौरान हुई हिरासतों ने चुनावी संस्थाओं, विरोध के अधिकार और कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है। एक ओर भाजपा विपक्ष के इरादों पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर प्रदर्शन में शामिल लोगों की हिरासत और पुलिस की कार्रवाई चर्चा के केंद्र में है। पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट करने के लिए हिरासतों की आधिकारिक संख्या, पुलिस का पक्ष और प्रदर्शन के आयोजकों की मांगों की पुष्टि जरूरी है।

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