थाईलैंड महिला से शादी, 60 लाख रुपये और धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप; कानपुर के टेनरी कारोबारी की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
थाई महिला से शादी, 60 लाख रुपये और धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप; कानपुर के टेनरी कारोबारी की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ रिश्ता पुलिस तक पहुंचा, दो स्पोर्ट्स बाइकों पर 55 लाख खर्च करने का दावा; पहली शादी और तीन बच्चों की जानकारी छिपाने का भी आरोप, कारोबारी की मां ने बताया ब्लैकमेलिंग का मामला
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ प्यार, थाईलैंड में शादी और लाखों रुपये के कथित लेन-देन का मामला अब कानपुर पुलिस की जांच के दायरे में है। लाटूश रोड निवासी टेनरी कारोबारी मोहम्मद इरफान को थाईलैंड की महिला अपसॉर्न की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया है। महिला ने कारोबारी पर शादी के बाद कथित तौर पर धोखा देने, करीब 60 लाख रुपये लेने, अपनी पहली शादी और तीन बच्चों की जानकारी छिपाने तथा धर्म परिवर्तन और बुर्का पहनने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, इरफान की मां ने आरोपों को खारिज करते हुए महिला पर बेटे को ब्लैकमेल करने का दावा किया है। ऐसे में मामला केवल प्रेम संबंध में कथित धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि शादी की वास्तविकता, आर्थिक लेन-देन और दोनों पक्षों के दावों की जांच भी अहम हो गई है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई कहानी, अब पुलिस के सामने रिश्ते का हिसाब
अपसॉर्न के मुताबिक, करीब चार साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी मुलाकात इरफान से हुई थी। इरफान कारोबारी सिलसिले में थाईलैंड आता-जाता था। महिला का दावा है कि बातचीत बढ़ने के बाद दोनों रिश्ते में आए और करीब दो साल पहले थाई रीति-रिवाज से शादी कर ली। महिला ने पुलिस को शादी की तस्वीरें, कार्ड, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज सौंपने की बात कही है।
महिला का आरोप है कि शादी के बाद उसने इरफान के साथ रहने की इच्छा जताई, लेकिन वह लगातार टालता रहा। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा। अपसॉर्न का कहना है कि जब उसने अपने रुपये वापस मांगे तो इरफान ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। अब पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि दोनों के बीच शादी किस परिस्थितियों में हुई, क्या उसे भारत में कारोबारी की वैवाहिक स्थिति की जानकारी थी और आर्थिक लेन-देन किस आधार पर हुआ।
दो जन्मदिन, दो स्पोर्ट्स बाइक और 55 लाख रुपये का दावा
महिला ने आरोप लगाया है कि इरफान को महंगी गाड़ियों और स्पोर्ट्स बाइकों का शौक था। उसके मुताबिक, कारोबारी के दो जन्मदिन पर उसने दो महंगी स्पोर्ट्स बाइक खरीदने के लिए रुपये दिए। एक बाइक के लिए करीब 21 लाख रुपये और दूसरी के लिए लगभग 34 लाख रुपये खर्च करने का दावा किया गया है। इस तरह दोनों बाइकों की कथित कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई गई है।
अपसॉर्न का कहना है कि इसके अलावा भी उसने इरफान को रुपये दिए, जिससे कुल रकम करीब 60 लाख रुपये तक पहुंच गई। महिला ने दावा किया कि रकम जुटाने के लिए उसे अपना रेस्टोरेंट बैंक में गिरवी रखकर कर्ज लेना पड़ा। उसने बहन और रिश्तेदारों से भी उधार लिया।
हालांकि, ये सभी रकम फिलहाल महिला के आरोप और दावे हैं। वास्तविक भुगतान, रुपये प्राप्त करने वाले व्यक्ति, बाइकों के खरीदार तथा उनके स्वामित्व की पुष्टि बैंक रिकॉर्ड, भुगतान रसीदों और अन्य दस्तावेजों से होनी बाकी है। पुलिस की जांच में यही साक्ष्य मामले की दिशा तय कर सकते हैं।
धर्म परिवर्तन और बुर्का पहनने के दबाव का आरोप
अपसॉर्न का आरोप है कि इरफान ने उससे कहा कि यदि उसे उसके साथ रहना है तो इस्लाम कबूल करना होगा और बुर्का पहनना पड़ेगा। महिला के मुताबिक, उसने इन शर्तों को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उसने अपने रुपये वापस मांगने शुरू किए और दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
महिला ने मारपीट और गाली-गलौज के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस को यह जांचना होगा कि कथित दबाव या मारपीट से संबंधित कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य, संदेश, रिकॉर्डिंग, मेडिकल दस्तावेज अथवा गवाह उपलब्ध हैं या नहीं
फरवरी में भारत लौटा कारोबारी, फिर संपर्क टूटने का दावा
अपसॉर्न के मुताबिक, इरफान फरवरी 2026 में भारत लौट आया था। शुरुआत में उसने बीमारी का हवाला दिया, लेकिन धीरे-धीरे बातचीत कम होती गई। महिला का आरोप है कि बाद में इरफान ने फोन उठाना बंद कर दिया और उसका नंबर भी ब्लॉक कर दिया।
काफी कोशिशों के बाद संपर्क नहीं होने पर अपसॉर्न कानपुर पहुंची। उसका दावा है कि 5 अक्टूबर को वह अपने परिचित के साथ इरफान के लाटूश रोड स्थित घर गई। वहीं उसे कथित तौर पर पता चला कि इरफान की पहले से शादी हो चुकी है और उसके तीन बच्चे हैं।
महिला का कहना है कि उसे पहली शादी की जानकारी पहले नहीं दी गई थी। इसके बाद वह वकील महताब अली के साथ पुलिस अधिकारियों के पास पहुंची और अपनी शिकायत दर्ज कराई। अपसॉर्न ने पुलिस को शादी से संबंधित तस्वीरें और अन्य दस्तावेज भी दिखाए।
2012 की पहली शादी की जांच, तीन बच्चों का मामला भी अहम
पुलिस जांच में इरफान की पहली शादी वर्ष 2012 में होने और उसके तीन बच्चे होने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। जाजमऊ में इरफान टेनरी के नाम से साझेदारी में कारोबार होने का भी उल्लेख है। इस कारोबार में रेहान नाम के व्यक्ति के साझेदार होने की बात सामने आई है।
अब जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि थाई महिला के साथ कथित शादी के समय इरफान ने अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में क्या बताया था। क्या दोनों के बीच विवाह हुआ था, उससे जुड़े दस्तावेज किस प्रकार के हैं और भारत में उस विवाह की कानूनी स्थिति क्या है—इन सवालों के जवाब संबंधित दस्तावेजों और लागू कानून के आधार पर ही सामने आएंगे।
गिरफ्तारी के दौरान जुटी भीड़, कैमरे के सामने रोया कारोबारी
बताया गया कि 6 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे पुलिस इरफान को गिरफ्तार करने पहुंची तो इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। गिरफ्तारी के बाद मीडिया के सामने आने पर कारोबारी ने रुमाल से चेहरा ढक रखा था और सवालों के दौरान रोने लगा।
स्थानीय लोगों ने उसके रहन-सहन में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बदलाव आने और महंगी गाड़ियों से आने-जाने की बातें भी कहीं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें आरोपों के समर्थन में प्रमाण नहीं माना जा सकता।
इरफान की मां ने महिला के आरोपों को गलत बताया है। उनका दावा है कि अपसॉर्न उनके बेटे को ब्लैकमेल कर रही है। इस तरह दोनों पक्षों के बयान एक-दूसरे से अलग हैं। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट कर सकेंगे।
पुलिस के सामने छह बड़े सवाल
इस मामले में जांच के दौरान कई बिंदुओं पर स्पष्टता जरूरी है।
1. क्या अपसॉर्न और इरफान के बीच विधिवत शादी हुई थी और उसके दस्तावेज प्रमाणिक हैं?
2. क्या इरफान ने अपनी पहली शादी और तीन बच्चों की जानकारी महिला से छिपाई थी?
3. क्या महिला ने वास्तव में करीब 60 लाख रुपये दिए और उनका भुगतान किस माध्यम से हुआ?
4. क्या दोनों स्पोर्ट्स बाइकों की खरीद में महिला के रुपये लगे थे और उनका स्वामित्व किसके नाम है?
5. क्या महिला पर धर्म परिवर्तन और बुर्का पहनने के लिए दबाव बनाया गया?
6. क्या मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों की पुष्टि करने वाले साक्ष्य मौजूद हैं?
इन सवालों के जवाब बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल, भुगतान दस्तावेजों, शादी से संबंधित प्रमाणों और अन्य साक्ष्यों की जांच से मिल सकते हैं।
सोशल मीडिया पर 'इंटरनेशनल लव जिहाद' की चर्चा, लेकिन निष्कर्ष जांच के बाद ही
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे 'इंटरनेशनल लव जिहाद' का नाम दे रहे हैं। हालांकि, किसी मामले को इस तरह का नाम देना अपने आप में किसी आरोप का प्रमाण नहीं है। फिलहाल उपलब्ध विवरण एक विदेशी महिला की शिकायत, कथित आर्थिक लेन-देन, वैवाहिक स्थिति छिपाने और धर्म परिवर्तन के दबाव से जुड़े आरोपों की ओर इशारा करते हैं।
गंभीर आरोपों की जांच जरूरी है, लेकिन आरोप और साबित हुआ अपराध एक ही बात नहीं हैं। पुलिस को महिला के दावों के साथ कारोबारी और उसके परिवार का पक्ष भी साक्ष्यों के आधार पर परखना होगा। जांच पूरी होने से पहले किसी धार्मिक समुदाय या पूरे वर्ग को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
इस मामले का असली सच भावनात्मक दावों, सोशल मीडिया की बहस या सनसनीखेज नामकरण से नहीं, बल्कि दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और निष्पक्ष पुलिस जांच से सामने आएगा।


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