जलभराव से निपटने को नगर निगम ने बढ़ाई कवायद, ख्यौरा में लगेगा अतिरिक्त पंप

जलभराव से निपटने को नगर निगम ने बढ़ाई कवायद, ख्यौरा में लगेगा अतिरिक्त पंप

परमिया नाले का जलस्तर गंगा के बराबर होने से बैकफ्लो की स्थिति, निकासी मार्ग की होगी सफाई और चौड़ाई बढ़ाने के निर्देश


(Today crime news)

उत्तर प्रदेश कानपुर। भारी वर्षा के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कवायद तेज कर दी है। मंगलवार को नगर निगम अधिकारियों ने मकड़ीखेड़ा, एनआरआई मैनावती मार्ग, गंगा बैराज और कछार गांव समेत कई जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में मकड़ीखेड़ा-ख्यौरा क्षेत्र में जल निकासी की बड़ी समस्या सामने आई। परमिया नाले का जलस्तर गंगा नदी के जलस्तर के लगभग बराबर होने के कारण पानी के बैकफ्लो से पीछे के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है। नगर निगम के मुख्य अभियंता मोहम्मद जैदी समेत अन्य अधिकारियों ने सबसे पहले कर्बला चौराहे के पास स्थित परमियां सम्पवेल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मकड़ीखेड़ा और एनआरआई सिटी की ओर से आने वाला नाला परमिया नाले में पहुंचता है और वहां से पानी गंगा नदी में जाता है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण निकासी प्रभावित हो रही है।

स्थिति को देखते हुए जोनल अभियंता-6 को परमिया नाले के जल निकासी मार्ग की दोबारा सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा बैराज मार्ग पर पुलिया के नीचे से गंगा नदी तक टीएमएक्स-20 मशीन से सफाई कराने, दोनों ओर उगी झाड़ियों को हटाने और निकासी मार्ग को चौड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पानी तेजी से गंगा में पहुंच सके।

ख्यौरा में लगाया जाएगा तीसरा पंप

मकड़ीखेड़ा क्षेत्र की जल निकासी ख्यौरा नाले के माध्यम से होती है। यह नाला एनआरआई सिटी के सामने परमिया नाले में मिलता है। इस पूरे नेटवर्क में नारामऊ, गुप्ता सोसायटी, रतल आर्बिट, अग्निहोत्री नगर, विनायकपुर और मकड़ीखेड़ा समेत आसपास के क्षेत्रों का पानी आता है। निरीक्षण के दौरान एनआरआई सिटी के सामने ख्यौरा नाले पर 20-20 एचपी क्षमता के दो पंप चलते मिले। ख्यौरा गांव की ओर अत्यधिक जलभराव को देखते हुए अब एक और 20 एचपी का पंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक ख्यौरा और मकड़ीखेड़ा क्षेत्र लो-लैंड एरिया होने के साथ सोसायटी क्षेत्र भी है। यहां पहले से व्यापक जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश में जलभराव की समस्या सामने आती है। नगर निगम का दावा है कि यदि लगातार बारिश नहीं हुई तो रात तक मकड़ीखेड़ा और ख्यौरा क्षेत्र से जलभराव कम होने की संभावना है।

जलकुंभी बनी निकासी में बाधा

ख्यौरा में जलभराव के दौरान बड़ी मात्रा में जलकुंभी भी पाई गई। इसे जल निकासी में बाधक मानते हुए टीएमएक्स-20 मशीन से जलकुंभी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जहां जालियां लगी हैं, वहां 24 घंटे कर्मचारियों की पालीवार ड्यूटी लगाने को कहा गया है, ताकि जल निकासी के दौरान किसी तरह का अवरोध न पैदा हो। जलभराव खत्म होते ही प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं मकड़ीखेड़ा में जलभराव के कारण पेयजल संकट को देखते हुए जलकल विभाग को पूरे क्षेत्र में जगह-जगह पानी के टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रभावित लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

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