शहर की सड़कों पर गड्ढों का जाल, जनता बेहाल, 31 अक्टूबर तक की दी गई डेडलाइन

शहर की सड़कों पर गड्ढों का जाल, जनता बेहाल, 31 अक्टूबर तक की दी गई डेडलाइन

139.38 करोड़ खर्च के बावजूद सड़कों की बदहाली पर महापौर सख्त, जल निगम-पीडब्ल्यूडी को अल्टीमेटम; 34 क्षतिग्रस्त सड़कों को एक सप्ताह में दुरुस्त करने का दावा


(Today crime news)

उत्तर प्रदेश कानपुर। शहर की सड़कों पर गड्ढे, जगह-जगह खुदाई और अधूरे निर्माण ने लोगों का सफर मुश्किल कर दिया है। पैदल चलने वाले हों या दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक, हर कोई बदहाल सड़कों की मार झेल रहा है। जनता की लगातार शिकायतों के बीच शुक्रवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने नगर निगम, जल निगम, पीडब्ल्यूडी, मेट्रो, जलकल और केस्को के अधिकारियों को तलब कर सड़क निर्माण की हकीकत परखी। महापौर ने दो टूक कहा कि जनता को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है, अब काम में और देरी बर्दाश्त नहीं होगी। सभी संबंधित कार्य 31 अक्टूबर तक पूरे कराए जाएं।

139.38 करोड़ की योजना, फिर भी उखड़ी सड़कें

15वें वित्त आयोग से जल निगम को 14.8 किलोमीटर जीआरपी पाइप लाइन की जगह एमएस पाइप लाइन डालने के लिए 139.38 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बैठक में जल निगम के अधिशासी अभियंता प्रवीण यादव ने बताया कि सात किलोमीटर पाइप लाइन बिछाकर चालू कर दी गई है और सड़क को चलने लायक बना दिया गया है। छह किलोमीटर हिस्से का काम 15 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। कंपनी बाग, रेव मोती और फूलबाग चौराहे के पास करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में पाइप लाइन के जोड़ने का काम बाकी है। महापौर ने सभी कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा करने की समयसीमा तय की।

34 सड़कें गड्ढों में, एक सप्ताह में सुधार का दावा

पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र की 34 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। मौसम साफ होने पर एक सप्ताह में इनकी मरम्मत पूरी करने का दावा किया गया। महापौर ने अधिक यातायात वाली सड़कों पर रात में काम कराने के निर्देश दिए, ताकि दिन में लोगों को जाम और आवागमन की परेशानी से न जूझना पड़े। कानपुर दक्षिण के 12 वार्डों में 99 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने के काम की समीक्षा में जल निगम ने बताया कि बिनगवां, खाड़ेपुर और बर्रा समेत कई इलाकों में सड़क निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। करीब 950 मीटर सड़क का काम बाकी है, जिसे 10 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सीवर और वाटर लाइन डालने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई घरेलू पाइप लाइनों की मरम्मत भी जल निगम को ही करनी होगी।

ग्रीन बेल्ट से जलभराव, मेट्रो के काम से सड़कें अधूरी

बैठक में नरोना से पनचक्की, छप्पन भोग से मंगला विहार, सचान चौराहे से विजय नगर, जूही खलवा पुल से नौबस्ता बाईपास, यशोदा नगर से टाटमिल और कंपनी बाग से रावतपुर तक की सड़कों की स्थिति पर चर्चा हुई। कई मार्गों पर जल निगम और मेट्रो के काम के चलते निर्माण अधूरा है। यशोदा नगर से टाटमिल मार्ग पर ग्रीन बेल्ट के कारण जलनिकासी बाधित होने की बात सामने आई। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने जोन-3 के अभियंता को जलनिकासी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। चुन्नीगंज से राजीव पेट्रोल पंप तक सड़क पर इंटरकनेक्शन का काम बाकी होने पर नगर आयुक्त ने पीडब्ल्यूडी और जल निगम को जल्द मरम्मत पूरी करने को कहा। कंपनी बाग से रावतपुर मार्ग पर मेट्रो ने जल निगम से कार्य पूरा होने का प्रमाणपत्र मांगा, ताकि सड़क निर्माण आगे बढ़ सके।

अतिक्रमण हटेगा, त्योहारों से पहले सुधारने होंगे हालात 

महापौर ने मेट्रो अधिकारियों को वाटर लाइन और सीवर लाइन की डायवर्ट या शिफ्ट की गई जगहों की वीडियो, नक्शे और फोटो 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। केस्को से भूमिगत तारों के काम के दौरान हटाई गई मार्ग प्रकाश लाइटें दोबारा लगवाने और रतनपुर-पनकी में रामलीला से पहले ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएं दूर करने को कहा गया। महापौर ने सड़क निर्माण के साथ अतिक्रमण हटाने पर भी जोर दिया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को तय समयसीमा में काम पूरा करने, सड़क पर लीकेज की सूची तैयार कर मरम्मत कराने और 10 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त अभियान पूरा करने के निर्देश दिए। रामलीला और छठ पूजा से पहले पार्कों की रंगाई-पुताई और अन्य तैयारियां प्राथमिकता पर करने को कहा गया। महापौर ने शनिवार सुबह 11 बजे सड़कों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

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