परीक्षा खत्म होते ही कानपुर सेंट्रल पर उमड़ा हुजूम, ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं
आरक्षित-एसी कोचों तक में घुसे परीक्षार्थी, जीआरपी-आरपीएफ को करनी पड़ी मशक्कत; बस अड्डे पर भी बढ़ा दबाव, रोडवेज ने दौड़ाईं 20 स्पेशल बसें
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। मुख्य अधीनस्थ सेवा परीक्षा समाप्त होते ही रविवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर परीक्षार्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा। परीक्षा देकर घर लौटने की जल्दबाजी में स्टेशन से लेकर ट्रेनों तक जबरदस्त भीड़ रही। लखनऊ, प्रयागराज और इटावा की ओर जाने वाली ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। हालात ऐसे बने कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने आरक्षित और एसी कोचों में भी प्रवेश कर लिया।
ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही परीक्षार्थियों की भीड़ कोचों पर टूट पड़ी। देखते ही देखते कई आरक्षित कोच भी अनधिकृत रूप से बैठे अभ्यर्थियों से भर गए। यात्रियों की शिकायत के बाद जीआरपी और आरपीएफ जवानों को आरक्षित कोचों से परीक्षार्थियों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्लेटफॉर्मों पर भी भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी जैसे हालात बने रहे।
ट्रेनें फुल, बस अड्डे की ओर दौड़े परीक्षार्थी
ट्रेनों में जगह नहीं मिलने पर बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने सड़क मार्ग का रुख किया। कानपुर सेंट्रल से निकलकर परीक्षार्थियों का हुजूम शहीद मेजर सलमान खान अंतरराज्यीय झकरकटी बस अड्डे पहुंच गया। कुछ ही देर में बस अड्डे पर भी यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। कई बसें क्षमता से भरकर रवाना हुईं, जबकि अन्य बसों के लिए भी यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
20 स्पेशल बसों से संभाला दबाव
परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू कराया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज तिवारी के अनुसार, परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए 20 स्पेशल बसें लगाई गईं। इन बसों को रायबरेली, लखनऊ, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ समेत विभिन्न जिलों के लिए संचालित किया गया। परीक्षा के बाद एक साथ उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर बड़े प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद कानपुर जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों पर यातायात और भीड़ प्रबंधन की चुनौती सामने ला दी।


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