दूसरे ब्रांड का आटा अपने नाम से बेच रहे थे कारोबारी, एफएसडीए के छापे में खुला मिलावट का खेल

दूसरे ब्रांड का आटा अपने नाम से बेच रहे थे कारोबारी, एफएसडीए के छापे में खुला मिलावट का खेल

रामादेवी की फ्लोर मिल में 3.3 टन संदिग्ध आटा बरामद, गेहूं में चावल का आटा मिलाने की आशंका; डेढ़ लाख का स्टॉक सीज, पांच नमूने जांच को भेजे

(Today crime news)

उत्तर प्रदेश कानपुर। मुनाफे की हवस में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। रामादेवी स्थित एक फ्लोर मिल में दूसरे ब्रांड का आटा खरीदकर उसे अपने स्थानीय ब्रांड के नाम से दोबारा पैक कर बाजार में बेचने का गोरखधंधा पकड़ा गया। जांच के दौरान गेहूं के आटे में चावल का आटा मिलाने की आशंका भी सामने आई। एफएसडीए ने करीब 1.50 लाख रुपये मूल्य का संदिग्ध स्टॉक सीज कर पांच नमूने प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एफएसडीए की टीम ने गांधीग्राम, रामादेवी स्थित मेसर्स दर्शन ट्रेडिंग कंपनी (फ्लोर मिल) पर औचक छापा मारा। निरीक्षण में जो तस्वीर सामने आई, उसने खाद्य सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी उजागर कर दी।

टीम को परिसर में करीब 3000 किलोग्राम दूसरे ब्रांड का आटा, 100 किलोग्राम दर्शन ब्रांड का पैक आटा तथा 200 किलोग्राम चावल का आटा मिला। कई पैकेटों पर न तो बैच नंबर दर्ज था और न ही पैकिंग एवं एक्सपायरी तिथि। अधिकारियों को आशंका है कि दूसरे ब्रांड का आटा खोलकर उसे स्थानीय ब्रांड के पैकेटों में भरकर बेचा जा रहा था, जबकि चावल के आटे की मिलावट कर गुणवत्ता और मुनाफे का खेल भी खेला जा रहा था।

छापेमारी के दौरान फ्लोर मिल की साफ-सफाई भी बेहद खराब मिली। खाद्य पदार्थों का भंडारण निर्धारित मानकों के विपरीत था। कर्मचारियों के मेडिकल रिकॉर्ड, खाद्य लाइसेंस तथा खरीद-बिक्री से संबंधित जरूरी अभिलेख भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसे खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया।

एफएसडीए ने गेहूं के आटे के चार और चावल के आटे का एक नमूना जांच के लिए संग्रहित किया है। रिपोर्ट आने तक पूरे संदिग्ध स्टॉक को सीज कर दिया गया है।

सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों और फर्जी पैकेजिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रयोगशाला रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा। 

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