सपा ने युवाओं, किसानों और गरीबों का हक छीना विधानसभा में हंगामे पर सीएम योगी का तीखा हमला, बोले- जनकल्याण की चर्चा रोकना लोकतंत्र के साथ अन्याय

सपा ने युवाओं, किसानों और गरीबों का हक छीना विधानसभा में हंगामे पर सीएम योगी का तीखा हमला, बोले- जनकल्याण की चर्चा रोकना लोकतंत्र के साथ अन्याय

59 हजार करोड़ से अधिक के अनुपूरक बजट पर बहस नहीं होने देने का लगाया आरोप, आउटसोर्सिंग कमीशन गठन और मानदेय बढ़ाने सहित कई बड़े फैसलों का किया उल्लेख 

(Today crime news)

उत्तर प्रदेश लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला। विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सपा ने एक बार फिर अपना "वास्तविक चरित्र" उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही बाधित कर समाजवादी पार्टी ने केवल सरकार का विरोध नहीं किया, बल्कि प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और गरीबों के हितों पर भी सीधा प्रहार किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आई थी, जिसका उद्देश्य रोजगार, कौशल विकास, कृषि, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को नई गति देना था। लेकिन विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण इन महत्वपूर्ण योजनाओं पर सदन में सार्थक चर्चा तक नहीं हो सकी।

सपा का रवैया लोकतांत्रिक नहीं, विकास विरोधी

सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का आचरण अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सकारात्मक बहस से बचते हुए केवल व्यवधान खड़ा किया, जिससे प्रदेश के करोड़ों लोगों के हित प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और विपक्ष की राजनीति विकास कार्यों को नहीं रोक पाएगी।

आउटसोर्स कर्मचारियों से लेकर आशा-आंगनबाड़ी तक के लिए बड़े ऐलान

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने आउटसोर्सिंग कमीशन का गठन कर दिया है, जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों और कोटेदारों के मानदेय एवं इंसेंटिव बढ़ाने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन के विस्तार और नए लाभार्थियों को जोड़ने की योजना भी अनुपूरक बजट का हिस्सा थी, लेकिन विपक्ष ने इन मुद्दों पर चर्चा तक नहीं होने दी।

महापुरुषों के सम्मान के लिए 407 करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, महात्मा ज्योतिबा फुले, शाहूजी महाराज और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर सहित सामाजिक न्याय के महापुरुषों की प्रतिमाओं, पार्कों, छाजन और बाउंड्रीवाल के निर्माण एवं संरक्षण के लिए 407 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने इस प्रस्ताव को भी सदन में बाधित करने की कोशिश की।

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 3 हजार रुपये से बढ़ाकर पहले 10 हजार और फिर 18 हजार रुपये किया। वहीं अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया तथा शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

सरकार का दावा- योजनाएं हर हाल में होंगी लागू

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विधानसभा से अनुपूरक बजट पारित हो चुका है और विधान परिषद से मंजूरी मिलने के बाद सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण और प्रदेश के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।

पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह सहित कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे। 

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