नगर निगम में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, कर्मचारी निलंबित

नगर निगम में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, कर्मचारी निलंबित

उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर के बाद गायब रहने और शासकीय कार्य में लापरवाही के आरोप में नगर आयुक्त ने की कार्रवाई

(Today crime news)

उत्तर प्रदेश कानपुर। नगर निगम में अनुशासनहीनता और शासकीय कार्यों में लापरवाही के खिलाफ नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतों की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर स्वच्छता मार्ग प्रकाश विभाग के कर्मचारी कमरूद्दीन को निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई के बाद विभागीय जांच भी जारी रहेगी। नगर निगम के अनुसार कमरूद्दीन के खिलाफ प्राप्त शिकायतों और उनके आचरण से संबंधित प्रकरण की जांच कराई गई थी। जांच में सामने आया कि कर्मचारी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बाद कार्यालय से अनुपस्थित रहते थे। इसके अलावा कार्य के प्रति शिथिलता, अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने के साथ शासकीय कार्य प्रभावित किए जाने के आरोप भी प्रथम दृष्टया पाए गए।

प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन अवधि में कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। वहीं विभागीय जांच के लिए जांच अधिकारी नामित कर निर्धारित समय सीमा में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सेवा नियमावली एवं आचरण नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता, कर्तव्यों के प्रति लापरवाही अथवा सरकारी दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि पद अथवा जिम्मेदारी चाहे जो हो, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम में लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

0/Post a Comment/Comments

https://qx-cdn.sgp1.digitaloceanspaces.com/widget/todaycrimenews/widget.js