भिखारिन की मौत के बाद किराए के घर में खुला ‘खजाना’! बोरियों में भरी मिली नकदी
(Today crime news)
कर्नाटक मांड्या। कर्नाटक के मांड्या से सामने आया एक मामला इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां वर्षों से भीख मांगकर गुजर-बसर करने वाली एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके किराए के मकान से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। शुरुआती गिनती में करीब 10 बोरियों से 8 से 9 लाख रुपये मिलने की जानकारी है, जबकि घर में मौजूद 20 से अधिक अन्य बोरियों में रखी रकम की गिनती अभी बाकी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पूरी नकदी की रकम 30 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि, अंतिम आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
उम्र संबंधी बीमारियों के चलते हुई मौत
मृतका की पहचान हूर उन्निसा के रूप में हुई है। वह मांड्या के गुथलू इलाके में एक किराए के मकान में अकेली रहती थीं। बताया जाता है कि वह लंबे समय से भीख मांगकर अपना जीवन यापन कर रही थीं। हूर उन्निसा और उनकी बहन दोनों अविवाहित थीं। करीब दो वर्ष पहले बहन की मौत के बाद वह अकेली रह रही थीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ हूर उन्निसा कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं। 23 अगस्त को उम्र संबंधी बीमारियों के चलते उनकी मौत हो गई।
घर की तलाशी में बोरियों में मिली नकदी
महिला की मौत के बाद जब स्थानीय लोग उनके किराए के मकान में पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। घर में रखी कई बोरियों में कथित तौर पर नकदी भरी मिली। सामुदायिक नेताओं के अनुसार, 30 से अधिक बोरियों में पैसे रखे होने की जानकारी सामने आई है।
इनमें से कुछ बोरियों में रखी रकम की गिनती की गई तो करीब 8-9 लाख रुपये मिले। वहीं, करीब 20 अन्य बोरियों में रखी नकदी की गिनती अभी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में कुल रकम कितनी है, इसका वास्तविक पता पूरी गिनती के बाद ही चल सकेगा।
मस्जिद में सुरक्षित रखी गई नकदी
नकदी बरामद होने के बाद स्थानीय मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने रकम को सुरक्षित रखने के लिए उसे गुथलू की मस्जिद में रखवा दिया। बताया जा रहा है कि हूर उन्निसा के रिश्तेदारों को भी इसकी जानकारी दी गई है। रिश्तेदारों के पहुंचने और पूरी रकम की गिनती होने तक नकदी को निगरानी में रखने की व्यवस्था की गई है।
सबसे बड़ा सवाल- आखिर इतनी रकम जमा कैसे हुई?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सालों तक भीख मांगकर गुजारा करने वाली महिला के पास लाखों रुपये की नकदी कैसे जमा हुई? स्थानीय लोगों के मुताबिक, हूर उन्निसा लंबे समय से लोगों से मदद और भीख लेकर अपना खर्च चलाती थीं। हालांकि, इतनी बड़ी रकम उनके पास कैसे पहुंची और वह इसे किस उद्देश्य से जमा कर रही थीं, इसकी स्पष्ट जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि बरामद पूरी रकम हूर उन्निसा की निजी बचत थी या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की धनराशि भी शामिल है। नकदी की पूरी गिनती और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही रकम की वास्तविक स्थिति और उसके स्रोत को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।


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