भाजपा को राजनीतिक हाशिए पर पहुंचाए बिना नहीं रुकूंगी, संन्यास की अटकलों पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान

भाजपा को राजनीतिक हाशिए पर पहुंचाए बिना नहीं रुकूंगी, संन्यास की अटकलों पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान

(Today crime news)

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार, 24 अगस्त को राजनीति से संन्यास लेने की अटकलों पर विराम लगा दिया। फेसबुक लाइव के जरिए जनता से संवाद करते हुए ममता बनर्जी ने साफ कहा कि वह सक्रिय राजनीति से दूर नहीं जा रही हैं। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब तक भाजपा को राजनीतिक रूप से हाशिए पर नहीं पहुंचा देतीं, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

ममता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर कथित तौर पर जारी राजनीतिक खींचतान और बगावत को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में उनके फेसबुक लाइव को पार्टी और राज्य की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भाजपा का असली चेहरा देख चुका है बंगाल

ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने कुछ ही महीनों में भाजपा का ‘असली चेहरा’ देख लिया है। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक लड़ाई आगे भी भाजपा के खिलाफ जारी रहेगी। संन्यास की चर्चाओं को खारिज करते हुए उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को भी स्पष्ट संदेश दिया कि वह सक्रिय राजनीति में बनी रहेंगी।

 जनगणना और NRC को लेकर केंद्र पर सवाल

फेसबुक लाइव में ममता ने आगामी जनगणना की प्रक्रिया को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनगणना के जरिए भविष्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी NRC लागू करने की जमीन तैयार की जा सकती है। उनका कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले राजनीतिक दलों के साथ पर्याप्त चर्चा होनी चाहिए।

हालांकि, देशभर में NRC फिलहाल लागू नहीं है। असम में NRC की विशेष प्रक्रिया पूरी की गई थी और इसकी अंतिम सूची अगस्त 2019 में प्रकाशित हुई थी। उस सूची में करीब 19.06 लाख लोग शामिल नहीं हो सके थे। हालांकि, NRC से बाहर रह जाना अपने आप किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित नहीं करता और ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया का प्रावधान है।

 SIR पर भी ममता ने साधा निशाना

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर पहले से राजनीतिक विवाद चल रहा है। ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। TMC की ओर से पहले भी यह आरोप लगाया जाता रहा है कि मतदाता सूची की जांच और दस्तावेजों की पड़ताल को भविष्य में नागरिकता सत्यापन से जोड़ा जा सकता है।

हालांकि, SIR और NRC अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। SIR का संबंध मतदाता सूची के पुनरीक्षण से है, जबकि NRC नागरिकता से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड की प्रक्रिया है।

 महिला योजनाओं को लेकर भी भाजपा पर हमला

ममता बनर्जी ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में महिलाएं अन्नपूर्णा भंडार की आर्थिक सहायता में देरी को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं। ममता ने दावा किया कि लाभार्थियों की संख्या कम करने के लिए पात्रता संबंधी नियमों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने अपनी सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है।

TMC की अंदरूनी खींचतान के बीच बयान अहम

ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब TMC के भीतर असंतोष और राजनीतिक खींचतान को लेकर चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में उनके ‘संन्यास नहीं लेने’ वाले बयान को पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। ममता ने संकेत दिया कि आने वाले समय में वह भाजपा के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं।

0/Post a Comment/Comments

https://qx-cdn.sgp1.digitaloceanspaces.com/widget/todaycrimenews/widget.js