NEET-UG विवाद: CJP और केंद्र सरकार के बीच पहली औपचारिक वार्ता, जेपी नड्डा से मिले प्रतिनिधि; मांगों पर शीर्ष स्तर पर चर्चा का आश्वासन
(Today crime news)
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले करीब डेढ़ महीने से जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई। संसद मार्च के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात कर उनका मांगपत्र स्वीकार किया। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया, हालांकि सरकार की ओर से किसी भी मांग को स्वीकार करने की औपचारिक घोषणा नहीं की गई।
दो घंटे में दो दौर की बातचीत
CJP के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से उनके आधिकारिक आवास पर दो चरणों में बातचीत की और आंदोलन से जुड़ी मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने प्रतिनिधियों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और धरना समाप्त करने की अपील की।
बैठक के बाद जारी बयान में जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की पहल पर बातचीत का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर उचित स्तर पर विचार किया जाएगा।
CJP का दावा- शीर्ष नेतृत्व के सामने रखी जाएंगी मांगें
बैठक के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने फिलहाल किसी मांग को मंजूरी देने का आश्वासन नहीं दिया है, लेकिन यह भरोसा जरूर दिलाया गया है कि सभी मांगों पर सरकार के शीर्ष स्तर पर चर्चा होगी।
वहीं प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
CJP की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी संगठन ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं—
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
भूख हड़ताल पर रहे शिक्षाविद सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा कर उनका वीडियो संदेश सार्वजनिक करने की अनुमति दी जाए।
NEET पेपर लीक से प्रभावित होकर कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बल प्रयोग तत्काल रोका जाए।
रविवार रात से शुरू हुई थी बातचीत की पहल
CJP नेताओं के अनुसार, आंदोलन और सरकार के बीच संवाद की प्रक्रिया रविवार देर रात शुरू हुई थी। संगठन का दावा है कि नई दिल्ली के डीसीपी ने प्रतिनिधियों से संपर्क किया, जिसके बाद सोमवार सुबह से बातचीत आगे बढ़ी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात का समय तय हुआ।
सौरव दास ने सोशल मीडिया मंच X पर भी दावा किया कि जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई रोकने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से कोई अलग आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
संसद के भीतर भी तेज हुई राजनीतिक हलचल
इस बीच संसद परिसर में भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच बैठक हुई। बाद में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और पीयूष गोयल भी इस बैठक में शामिल हुए। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई और क्या निर्णय लिया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
आंदोलन जारी रहने के संकेत
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच पहली औपचारिक वार्ता को गतिरोध तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर शीर्ष स्तर पर विचार किया जाएगा।


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