संसद मार्च पर बवाल: दिल्ली में पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प, 118 पुलिसकर्मी घायल होने का दावा; CJP ने आज फिर मार्च का किया ऐलान

संसद मार्च पर बवाल: दिल्ली में पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प, 118 पुलिसकर्मी घायल होने का दावा; CJP ने आज फिर मार्च का किया ऐलान


(Today crime news)

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो' मार्च के दौरान जंतर-मंतर से जनपथ और रायसीना रोड तक कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि हिंसा में 118 पुलिसकर्मी घायल हुए, 15 से 20 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा और करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं CJP ने स्पष्ट किया है कि उसका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है और मंगलवार (21 जुलाई) को भी संसद की ओर मार्च निकाला जाएगा।

आज भी जारी रहेगा प्रदर्शन

सोमवार देर रात प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए। इसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि आंदोलन जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भी संसद मार्च किया जाएगा। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संसद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।

कैसे बिगड़े हालात?

CJP ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। शुरुआती दौर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन जैसे ही भीड़ आगे बढ़ी, हालात तनावपूर्ण हो गए। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने लागू निषेधाज्ञा (धारा 163) का उल्लंघन करते हुए बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद कई स्थानों पर धक्का-मुक्की शुरू हुई और देखते ही देखते स्थिति हिंसक झड़प में बदल गई।

जंतर-मंतर, जनपथ और रायसीना रोड पूरे दिन पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव का केंद्र बने रहे।

पुलिस का दावा: 118 जवान घायल, सरकारी संपत्ति को नुकसान

दिल्ली पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस का कहना है कि 15 से 20 सरकारी वाहनों को क्षति पहुंची, जबकि जनपथ क्षेत्र में कुछ दुकानों में भी तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।

पुलिस के मुताबिक हिंसा में स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, एसीपी स्तर के अधिकारियों सहित कुल 118 पुलिसकर्मी घायल हुए। कई महिला पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं।

ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि जनपथ क्षेत्र में अचानक भीड़ की ओर से पथराव शुरू हो गया और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी कुछ लोग दोबारा एकत्र होकर हिंसक हो गए।

 प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने का दावा

दिल्ली पुलिस का कहना है कि झड़प में लगभग 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। स्थिति नियंत्रित करने के लिए करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) समेत अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हिरासत में लिए गए सभी लोग आंदोलन से जुड़े छात्र थे या नहीं।

अभिजीत दीपके ने खत्म किया अनशन, आंदोलन जारी

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने करीब ढाई दिन बाद अपना भूख हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने यह अनशन 18 जुलाई को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने के विरोध में शुरू किया था। हालांकि अनशन समाप्त करने के बाद भी उन्होंने आंदोलन वापस लेने से इनकार करते हुए कहा कि संसद मार्च और धरना जारी रहेगा।

जेपी नड्डा से दो दौर की वार्ता

सड़क पर तनाव के बीच सरकार और CJP के बीच बातचीत की भी कोशिश हुई। CJP की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से दो चरणों में मुलाकात की।

पहली बैठक सुबह लगभग 11:50 बजे हुई, जिसमें नड्डा ने आंदोलनकारियों से उनकी मांगों का लिखित ज्ञापन मांगा। इसके बाद शाम करीब 4 बजे प्रतिनिधिमंडल ने अपना ज्ञापन सौंपा। सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक में CJP की प्रमुख मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने आंदोलन समाप्त कर शांति बनाए रखने की अपील की।

केंद्र सरकार की लगातार नजर

सूत्रों के अनुसार पूरे घटनाक्रम पर केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए रही। गृह मंत्री अमित शाह दिनभर वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में रहे। सुरक्षा एजेंसियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जहां तक संभव हो, न्यूनतम बल प्रयोग के साथ स्थिति नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए।

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