शहर बनेगा स्मार्ट एयर सिटी, सरकारी भवनों पर लगेंगे पर्यावरण सेंसर

शहर बनेगा स्मार्ट एयर सिटी, सरकारी भवनों पर लगेंगे पर्यावरण सेंसर

आईआईटी कानपुर और स्मार्ट सिटी परियोजना के सहयोग से तैयार होगा इंटेलिजेंट डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, डेटा आधारित अर्बन गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा


(Today crime news)

उत्तर प्रदेश कानपुर। शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार और आधुनिक तकनीक के माध्यम से शहरी प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कानपुर नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब शहर के विभिन्न सरकारी भवनों, विद्यालयों और संस्थानों पर अत्याधुनिक एनवायरमेंट सेंसर स्थापित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से वायु गुणवत्ता सहित पर्यावरण संबंधी आंकड़ों की लगातार निगरानी की जा सकेगी।

इसी विषय पर गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय स्थित सभागार में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर निशिथ श्रीवास्तव, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन (एआरएफ) और कानपुर स्मार्ट सिटी की टीम मौजूद रही। बैठक में बताया गया कि मंडलायुक्त के मार्गदर्शन में कानपुर स्मार्ट सिटी और आईआईटी कानपुर की ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन के बीच हुए एमओयू के तहत शहर में इंटेलिजेंट डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (IDSS) विकसित किया जा रहा है। यह प्रणाली वायु गुणवत्ता प्रबंधन, पर्यावरणीय निगरानी तथा डेटा आधारित शहरी प्रशासन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा कि नगर निगम के निरंतर प्रयासों के चलते स्वच्छता सर्वेक्षण में कानपुर को देशभर में पांचवीं रैंक प्राप्त हुई है। अब इस उपलब्धि को और बेहतर बनाने के लिए सभी विभागों के सहयोग से सरकारी परिसरों में एनवायरमेंट सेंसर लगाए जाएंगे। इस परियोजना के लिए नगर निगम को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। बैठक के दौरान एआरएफ की टीम ने सेंसर नेटवर्क और आईडीएसएस प्रणाली का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया। अधिकारियों को बताया गया कि सेंसरों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभिन्न विभाग समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगे। ये सेंसर बिजली, बैटरी और सोलर पैनल तीनों माध्यमों से संचालित होंगे। इसके अलावा आईआईटी कानपुर की टीम ने आईसीसीसी परियोजना के अंतर्गत विकसित तकनीकों का भी प्रदर्शन किया। इस तकनीक के जरिए शहर की सड़कों पर गड्ढे, कूड़ा-करकट, आवारा पशु, बिना हेलमेट वाहन चालक तथा अवैध होर्डिंग जैसी समस्याओं की स्वत, पहचान की जा सकेगी। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन तकनीकों के प्रभावी उपयोग और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

0/Post a Comment/Comments

https://qx-cdn.sgp1.digitaloceanspaces.com/widget/todaycrimenews/widget.js