कच्चा नाला मुसीबत बना है, स्मार्ट सिटी में टूटे और कच्चे नाले, जान के पड़ रहे लाले
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उत्तर प्रदेश कानपुर। शहर के खुले नाले शहरवासियों की जान जोखिम में डाल रहे जगह-जगह नाले खुले पड़े, कई स्थानों पर सफाई के बाद बंद नहीं । शहर के क्षतिग्रस्त व खुले नाले शहर वासियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। दामोदर नगर की घटना के बाद भी नगर निगम अधिकारी चेत नहीं रहे हैं। नाला सफाई के बाद भी कई नालों में पटिया नहीं रखी गई है। ऐसे में बरसात के दौरान बड़ा हादसा होने का डर है। शहर में अभियंत्रण खंड के करीब 266 तो स्वास्थ्य विभाग के करीब 1433 छोटे-बड़े नाले हैं। इनमें सबसे बड़े रफाका व सीओडी नाला हैं। बड़े नालों को तो ढकना संभव नहीं है, लेकिन शहर में जगह-जगह छोटे नाले भी खुले हैं। ये नाले हादसों के सबब बनते हैं। दामोदर नगर में वैष्णों देवी मंदिर मार्ग पर सोमवार को एक खुले नाले में ई-रिक्शा पलट गया था जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। शहर में ऐसे कई नाले हैं जो क्षतिग्रस्त हो गए हैं और उनमें न तो दीवार बनाई गई है और न ही उन्हें ढ़का गया है। शारदा नगर में तोड़ा नाला, निकलने में दिक्कत वार्ड 87 बिनगवां गांव में कच्चा नाला में सफाई तो हो गई है, लेकिन इसे पक्का नहीं किया गया है। जिसके कारण गंदगी बनी रहती है।
पार्षद सतीश यादव ने बताया कि 700 मीटर लंबे नाले में गंदगी बजबजा रही है। यहां 200 घर सीधे प्रभावित हैं। सर्वोदय नगर में नाले के सफाई के दौरान नाला क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे यहां कभी भी घटना हो सकती है। किदवई नगर चालीस दुकान मार्केट के निकट नाला खुला है। नाला शारदानगर सब्जी मंडी में बनाने के लिए नाला तोड़ दिया है। यहां 15 दिनों से क्षेत्रीय लोगों को निकलने में दिक्कत हो रही है। अगर बरसात हुई तो घटना हो सकती है। 30 फीसदी नालों में गंदगी मानसून आ चुका है, लेकिन अभी शहर के करीब 30 प्रतिशत नालों में गंदगी बजबजा रही है। नगर निगम नालों की सफाई कर लेने का दावा कर रहा है। सबसे ज्यादा दक्षिण क्षेत्र के नालों की स्थिति बदतर है। कई जगह तो सिल्ट भी नहीं हटाई गई है। दामोदरनगर से नौबस्ता जाने वाले नाले की भी यही स्थिति है। दामोदर नगर का नाला ढका जाएगा। वार्ड-65 के पार्षद योगेंद्र शर्मा ने बताया कि नगर निगम जोन-3 के एक्सईएन राजेश सिंह, सहायक अभियंता योगराज सिंह, जूनियर इंजीनियर सिद्धार्थ सिंह और सुपरवाइजर सिप्पू ने घटना वाले नाले को देखा है। अधिकारियों ने हादसे की जांच की और बताया कि टेलीफोन के ढक्कन की वजह से ई-रिक्शा पलटा था। बुधवार से इसका लेबल बराबर करने की शुरुआत की गई है। नाले को पटिया लगाकर ढ़कने का कार्य शुरू कराया जाएगा।
वर्जन: अभी कुछ नालों की सफाई चल रही है, इसलिए कई जगह पटिया हटाई गई हैं। बड़े नाले तो ढ़कें नहीं जा सकते लेकिन छोटों पर पटिया लगाई जाएगी। कुछ कच्चे नालों को पक्का किया जा रहा है। - एसएफए जैदी, मुख्य अभियंता, नगर निगम





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