कानपुर प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर बताया
आकाशवाणी कानपुर केंद्र के स्थानीय प्रसारण पर लगी रोक को हटाना 2021 से प्रसार भारती।
कानपर नवंबर माह सन द्वारा स्थानीय प्रसारण पर रोक लगाकर आकाशवाणी कानपुर को विविध भारती राष्ट्रीय सेवा के तहत रिले सेंटर बना दिया गया है यह आम धारणा है कि रेडियो मनोरंजन का साधन है पर असलियत समझ के परे है वीडियो ना सिर्फ मनोरंजन का साधन है बल्कि एक ऐसा प्रभावशाली माध्यम है जो जनमत निर्माण में सक्षम है विविध भारती के कार्यक्रमों का जुड़ाव तो पूरे दिन का होता है लेकिन स्थानीय प्रसारण के अंतर्गत आकाशवाणी कानपुर के साथ जुड़ते हैं कानपुर क्षेत्र के स्थानीय लोगों के जज्बात तो वह पल यादगार हो जाते हैं स्थानीय संस्कृति बोलियों बातों और गीतों के साथ हालांकि प्रसार भारती कालांतर में इन खबरों का खंडन करता चला आ रहा है कि स्थानीय प्रसारण पर जहां एक तरफ प्रसार भारती नॉर्थ जोन के रेडियो चैनल के स्थानीय प्रोग्राम पर रोक लगा
रहा है वही लगातार सोशल मीडिया के जरिए आश्वासन देती खबरें मिलती चली आ रही हैं कि प्रसार भारती स्पष्ट करता है कि एफएम पर स्थानीय प्रोग्रामिंग सुनिश्चित की जाएगी ऐसे में अभी तक स्थानीय प्रसारण का शुरू ना हो पाना एक निराशाजनक और भामक स्थिति पैदा करता है.
कानपुर की संस्कृति और विरासत को संजोए आकाशवाणी कानपुर का स्थानीय प्रसारण बंद होना अत्यंत दुखदाई और निराशाजनक है। जहां कानपुर आकाशवाणी के स्थानीय प्रसारण के साथ जुड़ी थी कानपुर की आवाज
इस प्रेस वार्ता के माध्यम से हम अपील करते हैं कि प्रसार भारती जल्द से जल्द स्थानीय प्रसारण पर लगी रोक हटा ली जाए आजादी के अमृत महोत्सव पर जहां घर-घर में लहराएगा तिरंगा वहीं आकाशवाणी कानपुर के स्थानीय प्रसारण के साथ अमृत महोत्सव में स्थानीय बोलियों और तराना के साथ गूंजेगी आकाशवाणी कानपुर की आवाज।


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