कानपुर -: हिंसा का मास्टर माइंड मुख्य आरोपी पुलिस हिरासत में,
FB के जरिए भड़काया था लोगों को,
(Today crime news)
कानपुर, 04 जून: जुमे की नमाज के बाद शुक्रवार (03जून) को उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा को भड़काने के आरोप में पुलिस ने जफर हयात हाशमी को हिरासत में लिया है। हाशमी पर कानपुर में हिंसा भड़काने और लोगों को उकसाने का आरोप है। फिलहाल पुलिस जफर हयात हाशमी से पूछताछ में जुटी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाशमी ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक पोस्ट के जरिए लोगों को कानपुर में बाजार बंद करने और जेल भरो आंदोलन की अपील की थी।
बता दें कि कानपुर हिंसा मामले में पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें दो एफआईआर पुलिस की तरफ से है, जबकि तीसरी एफआईआर मारपीट व तोड़फोड के शिकार हुए शख्स की ओर से दर्ज कराई गई है। पुलिस की मानें तो इस हिंसा मामले में अभी तक 18 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कानपुर के पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा की मानें तो हिंसा मामले में अभी तक 36 लोगों की पहचान की जा चुकी है। बताया कि बरामद फोटोज से अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि जल्द ही सभी साजिशकर्ता और मौके पर मौजूद लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, उनकी प्रॉपर्टी जब्त की जाएगी और एनएसए (NSA) के तहत कार्रवाई होगी। इसी कड़ी में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता जफर हयात हाशमी को हिरासत में ले लिया है। दर्ज कराई गई प्राथमिकी में जफर हयात हाशमी का नाम सबसे पहले रखा गया है। फिलहाल हाशमी से पूछताछ चल रही है। हाशमी की गिरफ्तारी के बाद परिवार के लोगों ने दावा किया है कि जफर हयात को फंसाया जा रहा है।
जफर हयात हाशमी की गिरफ्तारी के मामले को लेकर उसकी पत्नी का दावा है कि राष्ट्रपति और पीएम मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए बंद को वापस लिया गया था। जुमे की नमाज के जफर हयात घर वापस आ गए थे। उस दौरान कोई हिंसा की वारदात नहीं हो रही थी। लेकिन तीन बजे अचानक हिंसा की खबर सामने आई। हयात की पत्नी ने दावा किया कि 14 से 16 साल के बच्चे हाथों में पत्थर लेकर चला रहे थे। ऐसा गुस्सा हमने पहले कभी नहीं देखा था। वह अपने पति की इस हिंसा की वारदात में शामिल नहीं होने का दावा कर रही हैं।


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