रक्तरंजित अवस्था में मिला अधेड़ का शव, परिजनों का पड़ोसियों पर हत्या का आरोप

रक्तरंजित अवस्था में मिला अधेड़ का शव, परिजनों का पड़ोसियों पर हत्या का आरोप

सरसौल। नरवल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेमरुआ गांव निवासी विनोद दीक्षित का रक्त रंजित अवस्था मे शव मिला तो आस पास के गाँव मे सनसनी फैल गई म्रतक व्यक्ति रूमा की एक निजी फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था रोजाना की तरह शनिवार की शाम अपनी साइकिल से रूमा नौकरी करने गए थे लेकिन जब घर नहीं लौटे तो परिजनों ने चिंता जताई उसी के ठीक दूसरे दिन रविवार को सुबह 8:00 बजे म्रतक का शव महराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत करौली मोड़ के पास पड़ा मिला सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया मौके पर मौजूद राहगीरों द्वारा बताया गया कि शव की अवस्था देख कर हत्या की आशंका सामने आ रही है फिलहाल पुलिस का कहना है कि ये एक एक्सीडेंट भी हो सकता है  पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। म्रतक अधेड़ के पास 3 बेटी व 2 बेटे है।

शादी के 3 दिन पहले ही परिवार में मौत को लेकर मचा कोहराम

 म्रतक अधेड़ की पुत्री की 1 दिसंबर को शादी होनी थी कार्ड से लेकर रश्म तक कि पुरी तैयारी हो चुकी थी लेकिन उसके पिता के मौत की खबर सामने आते ही परिवार का माहौल बदल गया।

पड़ोसियों से चल रहा था पुराना विवाद आये दिन करते थे परेसान।

मृतक की बेटी ने बताया कि 2013 में राज कुमार दीक्षित पुत्र अवध बिहारी दीक्षित सुरेंद्र दीक्षित पुत्र अवध बिहारी दीक्षित संगीता दीक्षित पत्नी राजकुमार दीक्षित शिवम दिक्षित पुत्र राजकुमार दीक्षित 2013 में मारपीट को लेकर विवाद हो गया था जिसका मुकदमा कानपुर न्यायालय में विचाराधीन था 1 सितंबर 2021 को पड़ोसियों ने मेरे पापा और मेरे परिवार के खिलाफ एक फर्जी मुकदमा न्यायालय सुधार कराया था जिसके लिए मुकदमा वापस लेने व जान से मारने की धमकी को लेकर 1 सेकंड राज कुमार दीक्षित पत्रावली दीक्षित शिवम दिक्षित पुत्र राजकुमार दिक्षित अनिल पांडे पुत्र राम अवतार पांडे पांडे पुत्र राम अवतार पांडे आए दिन परेशान करते थे।

नर्वल पुलिस का लचर रवैया भी आया सामने पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

म्रतक अधेड़ की बेटी के मुताबिक पुलिस पर भी गंभीर आरोप है उसका कहना है पड़ोसी से कुछ बातों का बाद विवाद था जिसको लेकर कानपुर न्यायालय में वाद चल रहा था फिर भी आये दिन नर्वल पुलिस हमारे पापा को परेशान करती थी जबकि हम लोग पुलिस को कई बार कहा कि पड़ोस के रहने वाले लोग परेशान करते है पापा को जान से मारने की धमकी भी दे रहे है लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की उल्टा मेरे पापा व भाई को 107/16 की धारा पर मुकदमा कर जेल भेज दिया अभी वर्तमान में 13/09/2021 को लिखित शिकायत भी दी थी लेकिन पुलिस अपनी हरकतों से बाज़ नही आई अगर पुलिस समय पर ध्यान देती तो आज मेरे पापा जिंदा होते।

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