दोस्त ने दिया था फजलगंज ट्रिपल मर्डर को अंजाम
• 48 घंटे में पुलिस ने किया तिहरे हत्याकांड का खुलासा
• विश्वास करना परिवार पर पड़ा भारी, मिला विश्वासघात
• पुराने जान पहचान वाले युवक ने साथी के साथ की वारदात
• पुलिस ने दोनों हत्यारों को कर लिया गिरफ्तार
• घटना के दिन आकर घर में रुके थे हत्यारे खाना भी खाया•
दिल्ली काम की तलाश में जाने के लिये आये थे घर
• ट्रेन छूटने के बाद वापस घर आये और बना डाली हत्या की योजना
• सबसे पहले युवक को फिर पत्नी इसके बाद बच्चे की कर दी हत्या
हत्या के बाद घर में की चोरी और बाइक लेकर हुए फरार
लूटे से मिले पैसे लेकर नोएडा भाग गया था एक अभियुक्त
दूसरा अभियुक्त झींझक में अपने दोस्त के यहां चला गया था
• गला काटने के प्रयास में अभियुक्त के हाथों में लग गये थे कट
• एक फैक्ट्री में काम करने के दौरान हुई थी जान पहचान
• आसपास के लोगों से पूछताछ में मिला आरोपियों का सुराग
कानपुरा फजलगंज थाना क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर को किसी अजनबी ने नहीं बल्कि पुराने दोस्त ने अंजाम
दिया था। काम की तलाश में आये युवक ने साथी के साथ मिलकर पूरे परिवार को मौत की नींद सुला दिया।
पति पत्नी और मासूम की हत्या कर घर दोनों आरोपियों ने घर में लूटपाट की और फरार हो गये। पुलिस ने
48 घंटे के अंदर हत्याकांड का खुलासा करते हुए दोनों हत्यारों को दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों से
पुलिस पूछताछ कर रही है।
यह था पूरा मामला
घटना बीते शनिवार 2-10-21 की है। थाना फजलगंज क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन लोग घर के अंदर मृत
• पड़े मिले थे। फजलगंज सिटी बस डिपो के सामने उचवा मोहल्ले में रहने वाले प्रेम किशोर (45) घर पर ही
•परचून की दुकान चलाते थे। शनिवार सुबह दूध वाला आया तो काफी देर तक आवाज दी लेकिन भीतर से
कोई जवाब नहीं मिला। मामला संदिग्ध लगने पर पड़ोस में रहने वाले भाई राज किशोर मौके पर आए और
ताला तोड़कर भीतर गए तो दंग रह गए। अंदर प्रेम किशोर और उनकी पत्नी गीता (40) के साथ ही 12 साल
का बच्चा नैतिक का शव पड़ा था। तीनों के हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। भाई ने इसकी सूचना फजलगंज थाने
को दे दी। सूचना पर पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर साक्ष्य जुटाये। हत्या की वजह जानने के लिए पुलिस
जांच कर रही थी। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज व अन्य लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस ने
फोरेंसिक टीम द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दोस्त ने किया विश्वासघात
पकड़े गये अभियुक्तों की पहचान बकेवर, इटावा निवासी गौरव शुक्ला उर्फ शिवम और उसके महवा, इटावा
में रहने वाले दोस्त हिमाशु चौहान के रूप में हुई। गौरव ने पूछताछ में बताया कि प्रेम किशोर के साथ वह
गुड़गांव की एक फैक्ट्री में कई साल पहले काम करता था। इससे वह अक्सर घर आया जाया करता था। कुछ
दिन से गौरव की माली हालत ठीक नहीं थी। इससे वह अपने दोस्त हिमांशू के साथ मधना में किराए का कम
लेकर रहता था। दोनों दिल्ली जाने के लिए प्रेमकिशोर के घर आए थे कि यहां से स्टेशन नजदीक पड़
गौरव ने बताया कि दिल्ली जाने के लिए घर में ही मोबाइल पर ट्रेन चेक की तो वह छूट चुकी थी। इस
दोनों ने रात का खाना नहीं खाया सो गये। इस दौरान दोनों ने लूटपाट की योजना बना डाली।
पहले प्रेमकिशोर की हुई हत्या
रात को सब खाना खाकर सो गये। प्रेमकिशोर व बेटा नैतिक साथ में और गौरव व हिमांशू वहीं पास में सो गया
रात को गौरव व हिमांशू ने प्रेमकिशोर के पैर चारपाई से बांध दिये और राड से सिर पर हमला कर दिया। इस
पर नैतिक जाग गया और मां गीता के पास चीखते हुए भागा। जब गीता चीख सुनकर पहुंची तो उसके सिर पर
भी राड से हमला कर दिया। इसके बाद नैतिक को भी राड से मारा तीनों के हाथ पैर रस्सी से बांध दिये।
इसके बाद उनके चेहरों को पालीथिन से कस दिये ताकि दमघुट के मर जाए। इसके बाद घर से करीब पाच
हजार रुपये और बाइक लेकर भाग निकले।
नोएडा भाग गया हिमांशू और झींझक गया गौरव
वारदात के बाद हिमाशू कुछ पैसे लेकर नोएडा भाग गया और गौरव अपने कानपुर देहात के झीझक निवासी
दोस्त के यहां चला गया। दोनों को गिरफ्तार करके पुलिस पूछताछ कर रही है।
ऐसे खुला मामला
जब पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू की तो पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने गौरव के आने
के बारे में जानकारी दी। जिसने इन्हें घर आते हुए देखा था, पुलिस ने अपना नेटवर्क दौड़ाया और तिहरे
हत्याकांड की परत दर परत खुलती हुई चली गई। पुलिस ने गौरव को झींझक और हिमांशू को आज नोएडा से गिरफ्तार किया है।
यह मिले साक्ष्य
वारदात के दौरान गौरव ने प्रेमकिशोर का गला रेतने का भी प्रयास किया था, इससे उसके हाथों में चाकू के कट भी लग गये थे। इसके अलावा पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को बेंजाडीन टेस्ट करावाया जिससे इनके कपड़ों और जूतों में खून के निशान लगे हुए मिले। दोनों ने खून के धब्बे साफ करने का खूब प्रयास किया लेकिन वह टेस्ट में पकड़ आ गये। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध भी कबूल कर लिया है।
अग्रिम कार्यवाही
अभियुक्तों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी। अभियुक्तों से लूटी गई रकम, लूटी गई मोटरसाइकिल की भी बरामदगी कराई जाएगी। इस हत्याकांड के पीछे कोई और साजिश तो नहीं है इसकी भी पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही फोरेसिक टेस्ट से जो साक्ष्य मिले हैं इसका भी मिलान कराया जाएगा।
टीम को मिलेगा इनाम
48 घंटे के अंदर तिहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस आयुक्त द्वारा प्रशस्तिपत्र देकर
सम्मानित किया जाएगा। इसमें अपर पुलिस आयुक्त ला एड आडर, डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल,
डीसीपी साउथ रवीना त्यागी डीसीपी मुख्यालय संजीव त्यागी, एसीपी नजीराबाद, एसआई मो. आसिफ,
एसआई सुनीत शर्मा, एसआई विजयदर्शन शर्मा को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।


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