खुशियों के दीपक से जगमग हुआ घर आंगन गणेश-लक्ष्मी से मांगी समृद्घि
दीवाली की शाम होते ही चारो तरफ रंग बिरंगी झालरें जल उठी। घर हो या मन्दिर चारो ओर झालरो को देख ऐसा लग रहा था मानो असंख्य जुगनु एक साथ उड़ रहे है
। मानो आसमान से तारे जमीन पर उतरकर गणेश-लक्ष्मी माँ सरस्वती माँ काली का स्वागत कर रहे है।बिखरती रंग बिरंगी रोशनी जीवन मे छाए दुख के अंधेरो को दूर होने का संदेश दे रही थी। लोगो ने माँ लक्ष्मी,भगवान कुबेर और गणेश जी का पूजन आरती किया। घरो मे अपने परिवार के साथ ही शंख की ध्वनि के साथ ही भगवान गणेश माँ लक्ष्मी की आरती गूंजी।
माना की पटाखा जलाना मना था। माना की अंधेरा घना था। पर दिया जलाना कहा माना था।
पटाखा फोड़ना पर भले ही सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है,लेकिन तमाम जगहो पर खुशियों की आतिशबाजी हुई हालांकि पिछले वर्षो की अपेक्षा इस बार बहुत ही कम पटाखे फूटे ऐसे मे बच्चो के साथ परिवार के बड़े भी मायूस भी दिखे। घरो के बाहर भगवान गणेश माँ लक्ष्मी के स्वागत को रंगोली बनाई। आमीर और गरीब हर घर मे खुशियों की रोशनी जगमगाती दिखी।
आप सभी को दीवाली भैयादूज की ढेरो शुभकामनाए व हार्दिक बधाई।


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